‘एक शाम अग्रसेन जी के नाम’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रहेंगे मुख्य अतिथि
चंडीगढ़, 14 मई। अग्र समाज के 5143वां स्था पना दिवस पर 17 मई 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित सर्कस ग्राउंड में एक भव्य कार्यक्रम ‘एक शाम अग्रसेन जी के नाम’ होगा। यह कार्यक्रम वैश्य समाज के प्रेरणास्रोत एवं युगपुरुष महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों और उनके गौरवशाली इतिहास को समर्पित है। यह कार्यक्रम ना केवल समाज को एकजुट करने का मंच बनेगा, बल्कि हमारी नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध होगा। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे।
यह जानकारी गुरुवार को पूर्व मंत्री असीम गोयल ने चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित सिप एन डाइन में पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर चंडीगढ़ के पूर्व मेयर अनूप गुप्ता, नवीन गर्ग, प्रदीप गोयल, जगमोहन गर्ग, आनंद सिंगला व तेजेंद्र गुप्ता (टोनी) मौजूद रहे। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने 5143 वर्ष पूर्व अग्रवाल वैश्य समाज की स्थापना की थी। यह दिन पूरे अग्र समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का प्रतीक है। पिछले वर्ष पहली बार इस स्थापना दिवस का आयोजन दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया था, जिसे देशभर से व्यापक समर्थन मिला। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा की टीम मिलकर चंडीगढ़ में दूसरा भव्य आयोजन कर रही है। श्री गोयल ने कहा कि 17 मई 2026 को सायं 3.00 बजे से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि होंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पवन जिंदल और संत संपूर्णानंद महाराज कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि देश भर से हजारों अग्र बंधु कार्यक्रम में पहुंचेंगे। इसके लिए सुरक्षा, पार्किंग, बैठने, पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समाज के इतिहास पर आधारित आयोजन और सामाजिक एकता का संदेश भी प्रमुख रूप से दिया जाएगा। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि कार्यक्रम एक शाम अग्रसेन जी के नाम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भरता और अग्रवाल समाज की एकजुटता को बढ़ावा देना है।
असीम गोयल ने अग्रवाल समाज के सभी बंधुओं और गणमान्य व्यक्तियों से इस कायक्रम में भारी संख्या में पहंचने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर अग्रवाल बंधुओं को इस कार्यक्रम का हिस्सा बनकर यह संकल्प लेना चाहिए कि हम समाज के उत्थान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का एक रुपया और एक ईंट का सिद्धांत आज भी प्रासंगिक है। असीम गोयल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन जी ने हरियाणा के हिसार के पास अग्रोहा को बसाया और एक ईंट एक रुपया की अवधारणा के साथ समानता, करुणा और अहिंसा पर आधारित राज्य स्थापित किया। यज्ञ में पशु बलि निषेध की। उन्होंने अग्रोहा को अपनी राजधानी बनाया और एक समृद्ध वैश्य (व्यापारी) राज्य की स्थापना की।
समाजवादी विचारधारा से उन्होंने अपने राज्य में समानता और सहकारिता को बढ़ावा दिया। जो भी नया व्यक्ति उनके राज्य में बसने आता था, तो प्रत्येक निवासी उसे एक ईंट और एक रुपया देता था, ताकि वह अपना घर और व्यापार शुरू कर सके। महाराजा अग्रसेन जी के दूरदर्शी विचारों का उल्लेख करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने जो एक रुपया और एक ईंट का संदेश दिया था, वह आज के समय में भी सामाजिक एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है। असीम गोयल ने यह भी बताया कि महाराजा अग्रसेन ने अपने 18वें महायज्ञ के दौरान एक घोड़े को बलि के लिए तड़पते और रोते हुए देखा। जिससे द्रवित होकर उन्होंने पशु बलि प्रथा पर पूरी तरह रोक लगा दी। उन्होंने पशु बलि के स्थान पर नारियल (श्रीफल) चढ़ाने की नई, शांतिपूर्ण परंपरा शुरू की।
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