Thu. May 14th, 2026

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उनके दर के दरवेश बने रहे हम इस भूल में वो हमे ख़ुद से भी ज़ायदा चाहेंगे इस भूल में ता’अबुब करते रहे हम जिस... Read More
ख़ामोश रहे वो जो जान कर भी अंजान बने रहे दो पल के सफ़र में वो हमारी हालात-ओ-हालत देखते रहे चेहरा दुखी हमारा देख के... Read More

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