सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि सुखबीर बादल ने महंगी बिजली पर जो सफाई दी है कि मनमोहन सिंह ने यह पॉलिसी इस लिए बनाई है कि राज्य उसको अपने हिसाब से इसकी गाइड लेकर तैयार करे।
चंडीगढ़: सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि सुखबीर बादल ने महंगी बिजली पर जो सफाई दी है कि मनमोहन सिंह की पॉलिसी को हमने लागू किया उसमे आपको बता दु की यह पॉलिसी इस लिए बनाई जाती है कि राज्य उसको अपने हिसाब से इसकी गाइड लेकर तैयार करे। 2006 में गोबिंदवाल का एमओयू साइन कीट था जिसमे हमन्व यह भी लिखा था कि कोयला एक खदान से सप्लाई होगा जिसके बाद अकालीदल सरकार 2007 में आई तो 4 हजार मेगावाट के एग्रीमेंट साइन किये व कहा कि अपनी कोयला में से नही बल्कि इंडिया की कोयला माईन से खरीदेंगे व 25 साल के एग्रीमेंट किये।अगर कहें मनमोहन सिंह की पॉलिसी की बात करे तो गुजरात में अलग कैसे है उन्होंने कैसे राज्य में यह नियम रखा कि राज्य हित के साथ आगे बढ़ाएंगे।
सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि जो कोयला का दाम होगा उस पर 20% खर्च सहित अदायगी करेगा । गुजरात की जो पॉलिसी है उसका सेक्शन 9 पंजाब पॉलिसी से निकाल दिया। इसमे यह भी स्पष्ट कर दिया कि 25 वर्ष आपसे बिजली खरीदेगे जबकि गुजरात ने कहा कि आप 35 % बिजली बाहर बेच सकते है। सुखबीर बादल को कहना चाहता हु की बिजली मंत्री बादल परिवार से रहे तो यह ही उसका जवाब दे। गुजरात का सेक्शन 11 को देखे तो उसमें स्पष्ट है की वो अपनी बिजली कही भी बेच सकते है तो उसमें पंजाब ने इसमे कुछ भी नही बोला साफ नही किया जिसका सीधा फायदा कम्पनियो को होगा। इसमे उन अधिकारियों का भी रोल है जिन्होंने यह पॉलिसी बनाई थी।
इस एग्रीमेंट में सबसे बड़ी ठगी यह भी थी कि आपसे 100% बिजली खरीदेंगे आज बिना मतलब के पैसे निजी कम्पनियो को दे रहे हैं और गलत नियम एग्रीमेंट बनाकर पंजाब का नुकसान हुआ है। 4100 करोड़ जो सरकार को कह रहे है को उसकी जांच होनी चाहिए जबकि यही पैसे अकाली सरकार के समय 6553 करोड़ रु निजी कम्पनियो को दिए है।अब 4100 करोड़ के बयानों पर माफी मांगनी चाहिए कियूंकि उसमे गलत कुछ नही है।
25 हजार करोड़ के वह प्लांट लगे है जबकि हम अभी तक उन्हें 12 हजार करोड़ के करीब दे चुके हैं अगर 25 वर्ष में देखे तो 65 से 70 हजार करोड़ उन्हें जाएगा जिसका कोई फायदा नही है। सुखबीर बादल जो दावा करते है कि 2 रु 80 पैसे पावर प्लांट से मिलते थे लेकिन उनकव अकालीदल के बुकलेट में है 6 रु 35 पैसे दिए जाएंगे तो इस परिवार ने सभी को जुठ बोला है।
प्लांट लगने के बाद पॉलिसी बनाई जोकि एक वर्ष की देरी के साथ थी जबकि पॉलिसी पहले बनानी होती है। अब यह जवाब दे कि राज्यपाल से क्या मांग करेंगे और जो पाकिस्तान को बिजली बेवहने की बात कहते थे तो अब यह क्या करेंगे।जो इन्होंने 19 टेंडर लगाए तो इनको 3 रु कुछ पैसे बिजली किसी ने नही खरीदी जबकि खुद महंगी खरीदते रहे।
सुखबीर बादल बताए कि 1231 करोड़ जो डेमेज चार्ज बनता था वह नही लिया गया आखिर कियूं। सुखबीर से कहूंगा कि किसी भी चैनल पर आए और डिबेट करें मेरे साथ जिसमे में बहस करूँगा और उसका फैसला पंजाब की जनता खुद करेगी। जो बिजली समझौते बादल परिवार ने किए उसका ब्लेक पेपर मैं और हमारे विधायक जारी कर रहे हैं। अकालीदल ने गुरु की बेअदबी के साथ पंजाब की जनता के साथ भी धोखा किया है।



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