हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर दिए गए बयान पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने तीखा पलटवार किया है। हुड्डा ने मनोहर लाल के बयान को राजनीतिक निराशा और इतिहास की गलत व्याख्या करार देते हुए कहा कि “जो व्यक्ति खुद गलती से मुख्यमंत्री बन गया हो, वही इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दे सकता है।”
क्या था मनोहर लाल का बयान?
रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि पंडित जवाहरलाल नेहरू संयोगवश प्रधानमंत्री बने थे, जबकि उस दौर में सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे नेता भी इस पद के अधिक हकदार थे। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस ने इसे स्वतंत्र भारत के इतिहास और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया का अपमान बताया।
हुड्डा का करारा जवाब
रोहतक में मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि मनोहर लाल इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्रता आंदोलन के योगदान को कमतर आंकना उचित नहीं है। हुड्डा ने तंज कसते हुए कहा,“जो खुद संयोग से मुख्यमंत्री बन गया, वही ऐसे बयान देता है।”
कांग्रेस ने बताया ध्यान भटकाने की राजनीति
हुड्डा ने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के असली मुद्दों—बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और कानून-व्यवस्था—से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान दे रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और देश की जनता अब विकास और जवाबदेही चाहती है, न कि इतिहास पर राजनीतिक प्रयोग।
सियासी गलियारों में बढ़ी हलचल
मनोहर लाल के बयान और हुड्डा के पलटवार के बाद हरियाणा की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद प्रदेश में विपक्ष और बीजेपी के बीच वैचारिक टकराव और तेज हो सकता है।
भारत गठबंधन पर भी बोले हुड्डा
हुड्डा ने इस दौरान INDIA गठबंधन को लेकर भी कहा कि यह गठबंधन लोकसभा चुनाव के लिए बना था और भविष्य में भी राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता कायम रह सकती है। साथ ही उन्होंने दिल्ली चुनावों में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का दावा भी किया।
बयानबाज़ी से बढ़ी सियासी तपिश, हरियाणा में तेज़ हुआ राजनीतिक संग्राम
हरियाणा की राजनीति में मनोहर लाल और भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच यह जुबानी जंग केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों का संकेत भी मानी जा रही है। एक ओर बीजेपी इतिहास और वैचारिक विमर्श को केंद्र में ला रही है, वहीं कांग्रेस इसे जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रही है। आने वाले समय में यह टकराव और तीखा होने के आसार हैं।

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