बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस के भीतर गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद पार्टी नेतृत्व अब नए मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के गठन और सत्ता संतुलन के विभिन्न पहलुओं पर अंतिम फैसला लेने की तैयारी में जुटा है। इसी क्रम में कांग्रेस विधायक दल (CLP) की अहम बैठक शनिवार शाम 4 बजे बुलाई गई है।
कल होगी कांग्रेस विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक
कांग्रेस नेता एच.के. पाटिल ने जानकारी दी है कि 30 मई को शाम 4 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि नेतृत्व परिवर्तन से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान हो चुका है और पार्टी पूरी तरह एकजुट है।
पाटिल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, वह उसे निभाने के लिए तैयार हैं और संगठन के फैसलों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
सिद्धारमैया के लिए शिवकुमार का भावुक संदेश
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच डी.के. शिवकुमार ने निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के सम्मान में एक भावनात्मक संदेश साझा किया। उन्होंने सिद्धारमैया के संघर्ष, नेतृत्व और सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
शिवकुमार ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वह अवसरों का उपयोग कैसे करता है, और सिद्धारमैया इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि उनका मार्गदर्शन आगे भी पार्टी और राज्य के लिए महत्वपूर्ण बना रहेगा।
दिल्ली में बैठकों का दौर जारी
नई सरकार के गठन को लेकर दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ बैठकों का सिलसिला जारी है। सिद्धारमैया और डी.के. शिवकुमार ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की है।
सूत्रों के अनुसार इन बैठकों में मुख्यमंत्री पद के अलावा मंत्रिमंडल के गठन, राज्यसभा उम्मीदवारों, विधान परिषद चुनावों और सत्ता संतुलन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई है।
मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व को लेकर बढ़ी मांग
कांग्रेस के भीतर विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की मांग भी तेज हो गई है। कोलार जिले के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर जिले को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की है।
पत्र में कई वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
सिद्धारमैया के बेटे को मिल सकती है जिम्मेदारी
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी जारी है कि सिद्धारमैया के बेटे यतिंद्रा को नई सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें प्रभावशाली मंत्रालय या अन्य बड़ी जिम्मेदारी दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।
नई सरकार की रूपरेखा पर टिकी नजरें
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद अब सभी की निगाहें शनिवार को होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक पर हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम और मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आने वाले कुछ दिन कर्नाटक की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं, क्योंकि नई सरकार की संरचना राज्य की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेगी।
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