प्रदेश में अपराध, महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक की सरकार चल रही है: भूपेंद्र सिंह हुड्डा
16 मई, चंडीगढ़ । पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि देश व प्रेदश में आज अपराध, महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और घोटालों की सरकार चल रही है। इन तमाम मुद्दों पर तथ्यों के साथ हुड्डा ने बीजेपी सरकार की कुनीतियों को उजागर किया। हुड्डा अपने आवास पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे।
इस मौके पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी चौतरफा महंगाई की मार झेल रहा है। जब देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव चल रहे थे, तो केंद्र सरकार ने रेट में बढ़ोतरी नहीं की। लेकिन अब चुनाव खत्म होते ही दाम बढ़ा दिए गए हैं। भविष्य में और बढ़ोतरी की तैयारी है।
प्रधानमंत्री पेट्रोल-डीजल की बचत के बयान संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में और बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। अमेरिका-ईरान तनाव चल रहा है, लेकिन इस बीच सरकार जनता से लगातार कई तथ्य छिपा रही है। उसको सच्चाई बतानी चाहिए। एक तरफ सरकार कहती है कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, तो फिर दाम क्यों बढ़ाए? पिछले 11 साल में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल से लाखों करोड़ रुपये कमाए हैं। प्रधानमंत्री बचत का संदेश देते हैं, लेकिन असम और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नए मुख्यमंत्रियों की ताजपोशी पर कितने जहाज पहुंचे, यह भी जनता को बताना चाहिए।
एक तरफ महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं, किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई। खाद, बीज और डीजल महंगे हो रहे हैं, लेकिन MSP में मामूली वृद्धि की जा रही है। फसल खरीद के मौसम में धान और गेहूं के घोटाले हो रहे हैं। छोटे अधिकारियों को निलंबित या बर्खास्त कर दिया जाता है, लेकिन बड़े लोगों को सरकारी संरक्षण देकर बचा लिया जाता है। बैंक घोटालों में भी बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।
बीजेपी सरकार द्वारा किसानों को पहले “मेरी फसल मेरा ब्योरा” के नाम पर परेशान किया जाता है। इसके अलावा पटवारी वेरिफिकेशन, फोटो और बायोमेट्रिक कराए जाते हैं। इसके बावजूद MSP नहीं मिलता और घोटाले होते रहते हैं।
हुड्डा ने सरकारी संरक्षण में काटी जा रही अवैध कॉलोनियों का मुद्दा भी उठाया। साथ ही राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के ताजा आंकड़ों का जिक्र करते हुए बताया कि हरियाणा में औसतन रोज 9 लोग आत्महत्या कर रहे हैं। इसका मुख्य कारण युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और सरकार से नाउम्मीदी है।
कांग्रेस सरकार के समय हरियाणा निवेश और प्रति व्यक्ति आय में नंबर-एक था, लेकिन बीजेपी शासन में राज्य पीछे चला गया। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मात्र 20 हजार रुपये देकर सुपारी किलिंग हो रही है। संगठित अपराध में हरियाणा नंबर एक है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के उच्च पदों पर बीजेपी द्वारा साजिश के तहत बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं, जबकि हरियाणा के युवा दूसरे राज्यों में नौकरी ढूंढने को मजबूर हैं। इस सरकार में लगातार पेपर लीक हो रहे हैं और भर्तियां रद्द हो रही हैं, लेकिन सरकार कोई जवाबदेही नहीं ले रही। नीट परीक्षा लीक होना सिस्टम की पूरी नाकामी है।
हुड्डा ने बताया कि विधानसभा के बाहर समानांतर सत्र चलाने पर स्पीकर के नोटिस का हमने उचित जवाब दे दिया है। स्पीकर ने कहा कि पार्किंग में सत्र चलाया गया, जबकि वह जगह मीडिया के लिए आरक्षित थी, पार्किंग नहीं थी। कांग्रेस का मानना है कि इस सत्र की कोई जरूरत नहीं थी। महिला आरक्षण संशोधन कानून तो 2023 में ही पास हो चुका है। संविधान के अनुसार संसद द्वारा पारित कानून पर राज्य विधानसभा में चर्चा नहीं हो सकती। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में भी इस मुद्दे का जिक्र नहीं था। मीडिया रिपोर्ट्स में पता चला कि बीजेपी महिला आरक्षण बिल पर निंदा प्रस्ताव लाना चाहती थी, इसलिए हमने विशेष सत्र का बहिष्कार किया।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा की गई टिप्पणी का जवाब देते हुए हुड्डा ने कहा कि राजनीति से संन्यास लेने की सलाह मनोहर लाल खट्टर खुद को दे रहे हैं। उनके कार्यकाल में हरियाणा का भट्ठा बैठ गया। इतिहास लिखा जाएगा तो यह दर्ज होगा कि विकास में नंबर वन हरियाणा को मनोहर लाल के कार्यकाल में पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस पार्टी ने सरकार को साफ चेतावनी दी है कि हम किसी का नाजायज वोट कटवाने नहीं देंगे और न ही किसी का गलत वोट बने रहने देंगे। हमने इसकी निगरानी के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इस कमेटी के माध्यम से पूरे पुनरीक्षण प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी जाएगी।
निकाय चुनावों पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इसमें कांग्रेस का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है। नगर निगम के चुनाव हमने पार्टी सिंबल पर लड़े, जबकि नगर परिषद और नगर पालिका के चुनाव सिंबल पर नहीं लड़े गए। उकलाना और सांपला नगर पालिका के चुनाव कांग्रेस ने नहीं लड़े, बल्कि स्थानीय नेताओं ने अपनी मर्जी से लड़े। सापला में बीजेपी को मात्र 34% वोट मिले, जबकि विपक्ष को 66% वोट पड़े।

मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस ने राज्य स्तरीय निगरानी समिति का किया विस्तार
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