हरियाणा के उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि संत गुरु रविदास ने 500 से अधिक साल पहले ही समाज से किसी भी प्रकार के भेदभाव को मिटाने का संदेश दिया और समाज को एकरूपता में पिरौने का काम किया। वे अंध विश्वास और आडम्बर के घोर विरोधी थी। उन्होंने कहा कि सरकार संत महापुरुषों की जीवन दर्शन व उनके उपदेशों को घर-घर तक पहुंचाने का काम कर रही है। कुरुक्षेत्र में पांच एकड़ जमीन पर संत गुरु रविदास का भव्य स्मारक बनवाया जाएगा, जिस पर करोंड़ों रूपये खर्च होंगे, इससे युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। आज युवा पीढ़ी को गुरु रविदास जैसे संत-महापुरुषों के बताए गए रास्तों पर चलने की जरूरत है।
उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला शनिवार को भिवानी जिला के कस्बा बवानीखेड़ा में गुरु रविदास मंदिर प्रांगण में आयोजित संत रविदास जंयति समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास एक महान संत थे, जिन्होंने समाज से किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने के लिए जीवन पर्यन्त संदेश दिया। वे कर्म करने में विश्वास रखते थे। उनके अनुसार इंसान का मन पवित्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार गरीब वर्ग के लिए कल्याण के लिए प्रतिबद्घ है। जन कल्याणकारी नीतियां लागू करने के साथ-साथ सरकार ने बजट में एससी और बीसी की चौपालों के जीर्णोद्घार के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
उन्होंने कहा कि आज का समय प्रतियोगिता का है। कड़ी मेहनत करने वाला बच्चा ही आगे निकलेगा, इसी के चलते गांवों में डिजीटल लाईब्रेरी खोली जा रही हैं। गांवों से मिले प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए प्रदेश में करीब 1500 लाईब्रेरी खोली जा चुकी हैं। परिणाम स्वरूप गांवों के बच्चे अपने घर पर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनको अब शहर में जाने की जरूरत नहीं पड़ती है। लाईब्रेरी के माध्मय से गांवों क बच्चे उच्च पदों पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बिना तरक्की नही है। उन्होंने मंदिर कमेटी से कहा कि वे मंदिर परिसर में चली आ रही लाईब्रेरी को अपग्रेड करने व छात्रावास का एस्टीमेट बनाकर भेंजे, ताकि उसको अमलीजामा पहनाया जा सके।
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