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मितुल दीक्षित ने चंडीगढ़ में तस्वीरों का शानदार संग्रह प्रस्तुत किया।

चंडीगढ़ के फोटोग्राफर, कल्चरल एक्टिविस्ट और एजूकेशनिस्ट मितुल दीक्षित (Mitul Dixit) ने अपने चौदह वर्षीय बेटे के साथ फिनलैंड के नार्दन मोस्ट रीजन लैपलैंड में खीची गई तस्वीरों का शानदार कलेक्शऩ चंडीगढ़ में प्रस्तुत किया। लैपलैंड दुनियाभर के लाखों ट्रेवलरों के लिए एक रमणीक स्थान है। ट्रेवलर नार्दन रीजन की रोशऩी यानी औरा बोरिएलिस का जादुई आकर्षण यहां देखऩे जाते हैं। इस प्रदर्शनी का आयोजन मितुल दीक्षित और उनके बेटे इदांत दीक्षित द्वारा गवर्नमेंट म्यूजियम एंड आर्ट गैलरी (Government Museum and Art Gallery) सेक्टर-१० में किया गया। यह प्रदर्शनी तीस जनवरी से लेकर एक फरवरी तक आयोजित की जाएगी।

मितुल दीक्षित ने कहा कि नार्दन लाइट्स की रोशनी अप्रत्याशित होती है। आमतौर पर आर्कटिक सर्कल के ऊपर उत्तरी फिनलैंड में यह बहुत ठंडी रातों में दिखाई देते हैं। इन सुंदर चित्रों में दिखाया गया है कि इसमें मानवीय शक्तियों से परे जादुई शक्तियां हैं। फिनिश में इस घटना को ‘रिवांटुलेट ’भी कहा जाता है। हमने नॉर्दर्न लाइट्स को इसकी पूरी भव्यता में कैद किया है।

इस प्रदर्शऩी में पिता और पुत्र की ४५ फोटोग्राफ लगाई गई हैं। इसमें ३५ मितुल दीक्षित की हैं और १० फोटोग्राफ इदांत दीक्षित की हैं।

मितुल दीक्षित ने कहा कि हमने फिनलैंड के नार्दनमोस्ट पार्ट में पोलर नाइट की कुछ तस्वीरें लीं। यहां सूर्य सप्ताह सरप्ताह तक नहीं आता है। लेकिन बर्फ, नार्दन लाइट्स और मूनलाइट के कारण पोलर नाइट काफी खूबसूरत हो जाती है। वहां तब आसमान में गुलाबी और ओरेंज रंगो को देखा जा सकता है।

‘नॉर्दर्न लाइट्स’, में समृद्ध क्षेत्र और वनस्पति के चित्र भी हैं। लैपलैंड  बर्फ की एक बेदाग सफेद कंबल से ढका है।

इदांत ने कहा कि लैपलैंड में सर्दियों के परिदृश्य आकर्षक हैं। मैंने क्षेत्र को कैंमरे में कैद किया। फिनलैंड की ध्रुवीय रात भी कुछ उत्तरी रोशनी और मिल्कीवे को देखने के लिए एक तरह का अनुभव प्रदान करती है।”

मितुल एक डाइ-हार्ड एडवेंचर लवर है। उनको ट्रैवलिंग से प्यार है। अपने पिता की तरह इदांत को भी यह पसंद है। मितुल पहले ही अंटार्कटिका सहित सभी सात महाद्वीपों की यात्रा कर चुके हैं।जिस पर ‘अंटार्कटिका गॉड्स ओन कैनवस’ नाम से उनकी कॉफी टेबल बुक प्रकाशित हुई थी। सभी सात महाद्वीपों की यात्रा के बाद, मितुल ने ‘वाइल्ड सफारी ऑफ मसाई मारा’ पर अपने काम का प्रदर्शन किया है। इदांत दीक्षित, जो अपने पिता की तरह ही एक शौकीन यात्री हैं, एक उत्साही फोटोग्राफर भी हैं और छह महाद्वीपों की यात्रा कर चुके हैं और अगले साल अंटार्टिका की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं।

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