बंगाल मंत्रिमंडल का पहला बड़ा विस्तार: स्वपन दासगुप्ता समेत 35 मंत्रियों ने ली शपथ, सरकार ने साधे क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण - newsonline.media
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने सोमवार को अपना पहला और अब तक का सबसे बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार किया। राज्यपाल आर.एन. रवि ने राज्य सचिवालय नबन्ना में आयोजित समारोह में 35 नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसे नई सरकार के गठन के बाद सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

35 नए मंत्री बने सरकार का हिस्सा

मंत्रिमंडल विस्तार में कई प्रमुख नेताओं को जगह दी गई है। शपथ लेने वालों में स्वपन दासगुप्ता, अशोक डिंडा, मनोज ओरांव, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, मालती रॉय, इंद्रनील खान, गौरीशंकर घोष, कल्याण चक्रवर्ती, राजेश महतो, अर्जुन सिंह और तापस राय जैसे नाम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से नए मंत्रिमंडल की जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार राज्य के समग्र विकास और प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन पर फोकस

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। खासतौर पर उत्तर बंगाल और सीमावर्ती जिलों के नेताओं को महत्व देकर पार्टी ने अपने जनाधार को और मजबूत करने की रणनीति अपनाई है।

विश्लेषकों के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

नए चेहरों को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कई नए विधायकों और युवा नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। माथाभांगा के विधायक निशीथ प्रमाणिक को कैबिनेट स्तर का पद मिलने की चर्चा है, जबकि कूचबिहार-दक्षिण के विधायक रथींद्र बोस को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा दीपक बर्मन, शंकर घोष और अन्य कई नेताओं के नाम भी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिकाओं के लिए चर्चा में हैं।

विभागों के बंटवारे पर जल्द होगा फैसला

सूत्रों के अनुसार, शपथ ग्रहण के बाद अब विभागों के आवंटन को लेकर मंथन शुरू हो गया है। सरकार जल्द ही विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारियां तय कर सकती है।

संभावित मंत्रियों में शंकर घोष, मनोज ओरांव, जगन्नाथ चट्टोपाध्याय, शारद्वत मुखोपाध्याय, स्वपन दासगुप्ता, दुधकुमार मंडल और तापस राय जैसे नेताओं के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की कोशिश

भाजपा नेतृत्व मंत्रिमंडल में महिला भागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि विस्तार में दो या उससे अधिक महिला नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

इसके अलावा मनोरंजन और फिल्म जगत से जुड़ी कुछ प्रमुख हस्तियों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व देने पर विचार किया गया है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को सरकार से जोड़ने का संदेश दिया जा सके।

स्वपन दासगुप्ता को मिल सकता है अहम मंत्रालय

पत्रकारिता से राजनीति में आए वरिष्ठ नेता स्वपन दासगुप्ता को सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

वहीं अभिनेता से राजनेता बने रुद्रनील घोष का नाम भी संभावित प्रमुख चेहरों में शामिल बताया जा रहा है।

बदलाव के बाद नई दिशा की तैयारी

गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के लगभग 15 वर्षों के शासन का अंत किया था। ऐसे में यह मंत्रिमंडल विस्तार नई सरकार के प्रशासनिक एजेंडे को गति देने और चुनावी वादों को जमीन पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अब सभी की निगाहें विभागों के बंटवारे और नए मंत्रियों को मिलने वाली जिम्मेदारियों पर टिकी हुई हैं।