नूंह खेल विभाग रिश्वत मामला

गुरुग्राम, 21 जून: हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला खेल विभाग, नूंह में तैनात उप अधीक्षक रामेहर को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना SV&ACB गुरुग्राम में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।

ब्यूरो के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसकी एक कार एक ठेकेदार के माध्यम से जिला खेल विभाग, नूंह में मासिक 31,600 रुपये के किराये पर लगी हुई थी। हालांकि, फरवरी 2026 से उसे वाहन का भुगतान प्राप्त नहीं हुआ। जब उसने इस संबंध में जानकारी जुटाई तो उसे पता चला कि खेल अधिकारी, नूंह की शिकायत के आधार पर 1 जून 2026 से उसकी गाड़ी को विभागीय सेवा से हटा दिया गया है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी गाड़ी को दोबारा विभाग में लगाने तथा खेल नर्सरी के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न डालने के बदले 1.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह केवल 50 हजार रुपये की व्यवस्था कर पाया और इसके बाद उसने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क किया।

शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने प्रारंभिक सत्यापन किया और आरोपों को गंभीर मानते हुए योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान उप अधीक्षक रामेहर को शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। ब्यूरो की टीम ने मौके पर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित रिश्वत मांगने में अन्य किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका थी या नहीं। आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है, बल्कि आम नागरिकों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होता है।

इस बीच, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तुरंत ब्यूरो को दें। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित कार्रवाई कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.