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नई दिल्ली। केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम के तहत देशभर में संचालित 700 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों के व्यापक आधुनिकीकरण और क्षमता विकास की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। क्षमता निर्माण आयोग (CBC) का लक्ष्य प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक आधुनिक, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाकर सरकारी कर्मचारियों की कार्यकुशलता में सुधार करना है।

यूएनएनएटीआई पहल से जुड़ेगा प्रशिक्षण नेटवर्क

क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष एस. राधा चौहान ने बताया कि आयोग ने देशभर में संचालित 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों की पहचान और मैपिंग पूरी कर ली है। इसके बाद यूनिफाइड न्यू-एज नेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशंस (UNNATI) पहल शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य इन संस्थानों को एक साझा मंच पर लाकर सहयोग, ज्ञान-साझाकरण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना है।

90 से अधिक मंत्रालयों की भूमिकाओं का हुआ अध्ययन

आयोग ने केंद्र सरकार के 90 से अधिक मंत्रालयों और विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की भूमिकाओं का विस्तृत विश्लेषण किया है। इसके आधार पर विभिन्न पदों और जिम्मेदारियों के अनुरूप क्षमता निर्माण योजनाएं तैयार की गई हैं, ताकि प्रशिक्षण सीधे कार्यक्षमता और सेवा वितरण से जुड़ सके।

साझा संसाधनों का मिलेगा लाभ

चौहान के अनुसार, अधिकांश प्रशिक्षण संस्थान अभी तक स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं। यूएनएनएटीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से ये संस्थान स्टूडियो, कॉन्फ्रेंस हॉल, डिजिटल संसाधन, विशेषज्ञ संकाय और प्रशिक्षण सामग्री एक-दूसरे के साथ साझा कर सकेंगे। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

जून के अंत तक सभी संस्थानों को जोड़ने का लक्ष्य

आयोग ने जून 2026 के अंत तक सभी 700 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों को यूएनएनएटीआई पोर्टल से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके बाद प्रत्येक संस्थान को डेटा-आधारित विश्लेषण और प्रदर्शन संबंधी सुझाव उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे वे अपनी प्रशिक्षण प्रक्रियाओं को और बेहतर बना सकें।

राज्यों में प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाने पर जोर

एस. राधा चौहान ने कहा कि कई राज्यों में केवल तीन प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को ही वर्षभर में संस्थागत प्रशिक्षण मिल पाता है। यह स्थिति प्रशासनिक दक्षता के लिहाज से चुनौतीपूर्ण है। आयोग का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण को अधिकाधिक कर्मचारियों तक पहुंचाना और सरकारी तंत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है।

210 से अधिक संस्थानों को मिल चुकी मान्यता

प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने राष्ट्रीय सिविल सेवा प्रशिक्षण संस्थान मानक (NSCSTI) ढांचा विकसित किया है। इसके तहत अब तक 210 से अधिक संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा चुकी है। आयोग का कहना है कि उद्देश्य केवल मान्यता देना नहीं, बल्कि प्रशिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र को निरंतर मजबूत और आधुनिक बनाना है।

मिशन कर्मयोगी का लक्ष्य

वर्ष 2020 में शुरू किए गए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम (NPCSCB) यानी मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य ऐसी सिविल सेवा तैयार करना है जो आधुनिक कौशलों से लैस, नागरिक-केंद्रित और भविष्य की चुनौतियों के लिए पूरी तरह सक्षम हो। सरकार का मानना है कि प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार से सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों में वृद्धि होगी।

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