हरियाणा के खेल राज्य मंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के माध्यम से 36 पदक जीतने का है। इस लक्ष्य को हासिल करने में नवनियुक्त कोचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कोचों से आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार कर प्रदेश को खेलों में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करें।
श्री गौरव गौतम आज हरियाणा निवास, चंडीगढ़ में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश के उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप (क), (ख) और (ग) श्रेणी के सरकारी कोच पदों के नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरांत संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 3 सीनियर और 20 जूनियर कोचों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। खेल विभाग गत माह भी 10 खिलाड़ियों को कोच पद पर नियुक्ति दे चुका है। इस प्रकार एक महीने के भीतर कुल 33 खिलाड़ियों को कोच के रूप में नियुक्त किया गया है।
खेल मंत्री ने खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान युवाओं की मेहनत, समर्पण और माता-पिता के त्याग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार प्रदेश को खेलों के क्षेत्र में विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश की खेल नीति के अंतर्गत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को डी ग्रुप की नौकरियों में 10 प्रतिशत तथा सी ग्रुप की नौकरियों में 3 प्रतिशत खेल कोटा प्रदान किया जाता है।
‘दूध-दही का खाणा’ केवल कहावत नहीं, हरियाणा की ताकत
श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा की मिट्टी में खेल प्रतिभा स्वाभाविक रूप से मौजूद है। यहां का युवा केवल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि तिरंगे का मान बढ़ाने के लिए मैदान में उतरता है। ओलंपिक से लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की ‘पदक लाओ, पद पाओ’ नीति का उद्देश्य खिलाड़ियों को भविष्य की चिंता से मुक्त करना है। सरकार खिलाड़ियों को केवल सम्मानित ही नहीं करती, बल्कि उनके सुरक्षित भविष्य की भी गारंटी देती है, ताकि वे बिना किसी मानसिक दबाव के देश के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
जमीनी स्तर से तैयार करें नए वैश्विक चैंपियन
खेल मंत्री ने कहा कि कोच खिलाड़ियों को तराशकर हीरा बनाने का कार्य करते हैं। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण के इस दौर में कोचों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने नवनियुक्त कोचों से आग्रह किया कि वे गांवों और कस्बों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें कामनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों के लिए तैयार करें।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को हर प्रकार की आधुनिक खेल सुविधाएं, आधारभूत ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
प्रशासनिक सेवाओं में भी बनें प्रेरणा स्रोत
श्री गौरव गौतम ने कहा कि सरकारी सेवा खिलाड़ियों के जीवन की नई पारी है। जिस अनुशासन, मेहनत और समर्पण के बल पर उन्होंने खेल के मैदान में सफलता प्राप्त की है, उसी भावना के साथ उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज के खिलाड़ी प्रदेश के लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। गांवों के बच्चे उन्हें देखकर खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों को सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने का भी संदेश दिया।
खेल मंत्री ने प्रदेश की खेल नर्सरियों और स्टेडियमों के आधुनिकीकरण के संकल्प को दोहराते हुए सभी से स्वस्थ, समृद्ध और देश का नंबर-वन खेल राज्य बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर खेल विभाग के प्रधान सचिव श्री विजय सिंह दहिया, अतिरिक्त निदेशक श्री अश्वनी मलिक सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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