crime justice

नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में वर्ष 2024 में हुई एक सात वर्षीय बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर आर्थिक दंड भी लगाया है।

अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आशु संजीव टिंजन की अदालत ने फिरोजपुर झिरका उपखंड के दोहा गांव निवासी अब्बास को दोषी करार देते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर 17,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

घर के बाहर खेलते समय हुई थी बच्ची की गुमशुदगी

पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2024 में करीब सात वर्षीय बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसका अपहरण कर लिया गया। बच्ची के परिजनों ने अगले दिन फिरोजपुर झिरका थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध के तौर पर अब्बास को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के आधार पर आरोपी की निशानदेही पर गांव के एक खेत से बच्ची का शव बरामद किया गया, जिसे जमीन में दबाया गया था।

सबूतों और गवाहों के आधार पर साबित हुआ अपराध

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों, वैज्ञानिक प्रमाणों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखा। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सबूतों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।

अदालत ने सुनाई सख्त सजा

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को अपहरण और हत्या के अपराध में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में दोषियों के प्रति सख्त रुख अपनाया जाएगा।

यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।

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