फरीदाबाद, 9 जून। फरीदाबाद में मंगलवार सुबह एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में हुए दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। नगर निगम के प्लांट में कार्य करने पहुंचे दो युवकों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब एक युवक टैंक के अंदर गिर गया और उसे बचाने के प्रयास में दूसरा युवक भी नीचे उतर गया।
जानकारी के अनुसार, दोनों युवक नियमित सफाई और रखरखाव कार्य के लिए प्लांट पहुंचे थे। काम के दौरान अचानक एक युवक संतुलन बिगड़ने से सीवरेज टैंक में गिर गया। बताया जा रहा है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस भरी हुई थी। साथी को संकट में देख दूसरा युवक उसे बचाने के लिए नीचे उतरा, लेकिन वह भी गैस की चपेट में आ गया और बेहोश हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस, दमकल विभाग और बचाव दल को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटों की मशक्कत के बाद एक युवक का शव बाहर निकाल लिया गया, जबकि दूसरे युवक की तलाश के लिए अभियान जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के समय सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया था। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि टैंक में उतरने से पहले गैस की जांच और पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि एक सेफ्टी बेल्ट भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके कारण बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।
घटना के बाद मृतकों के परिजनों में शोक और गुस्से का माहौल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी नगर निगम और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं एफएसएल और अन्य तकनीकी टीमों को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।
पुलिस और प्रशासन फिलहाल यह जांच कर रहे हैं कि कार्यस्थल पर सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, दूसरे युवक की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। यह हादसा एक बार फिर सीवरेज और सीवर टैंकों में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
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