चंडीगढ़, 10 जून। इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की पीठ पर लगातार छुरा घोंप रही है। बीजेपी सरकार ने डीजल के दाम बढ़ाने के बाद जरूरी खादों जैसे यूरिया के 200 रुपये, पोटाश के 175 रुपये और एनपीके के 550 से 700 रुपये तक दाम बढ़ाकर किसानों को चौतरफा घेर लिया है। यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि किसानों और भारतीय कृषि व्यवस्था को कमजोर करने, दिवालिया करने और अंततः खेती-किसानी को खत्म करने की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है।
अभय सिंह चौटाला ने कहा कि किसान खेती के लिए यूरिया, एसएसपी, डीएपी, पोटाश और कॉम्प्लेक्स खादों पर निर्भर हैं। बीजेपी सरकार ने किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाला है। डीजल, जो ट्रैक्टर चलाने, सिंचाई पंप चलाने, खेत की तैयारी और फसल ढुलाई के लिए अनिवार्य है, उसके दामों में हालिया बढ़ोतरी ने प्रति एकड़ लागत को सैकड़ों रुपये बढ़ा दिया है। खरीफ सीजन की तैयारी में जुटे किसान अब सोच रहे हैं कि खेती करना फायदे का सौदा है या घाटे का जाल।
उन्होंने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उन्हें तोड़ने की कोशिश देश को तोड़ने के बराबर है। महंगाई किसानों का खून चूस रही है। डीजल की हर बढ़ोतरी सीधे खेती की लागत बढ़ाती है, जबकि खादों की बढ़ी कीमतें इनपुट लागत को और ऊंचा ले जा रही हैं। छोटे और सीमांत किसान इस दोहरी मार से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सब्सिडी का ढोंग रचकर, कीमतें बढ़ाकर और वैश्विक कारकों का बहाना बनाकर किसानों पर बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही दोगुनी आय का वादा था और क्या यही किसान कल्याण है। उन्होंने कहा कि ऐसी नीतियां किसानों को खेती छोड़ने, शहरों की ओर पलायन करने और आत्महत्या के रास्ते पर धकेल रही हैं।
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