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कोलकाता। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व तेज गेंदबाज अशोक डिंडा ने अब राजनीति में एक नई पारी की शुरुआत कर दी है। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में डिंडा को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने राज्य मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली।

शुभेंदु सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल हुए डिंडा

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद हुए पहले बड़े कैबिनेट विस्तार में 35 नए मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल आर.एन. रवि ने नबन्ना में आयोजित समारोह में सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस सूची में पूर्व क्रिकेटर और भाजपा विधायक अशोक डिंडा का नाम भी प्रमुख रूप से शामिल रहा।

लगातार दूसरी बार मोयना सीट से जीते चुनाव

अशोक डिंडा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। उसी वर्ष उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर जिले की मोयना विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर राजनीति में सफल प्रवेश किया।

हालिया विधानसभा चुनाव में भी डिंडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार चंदन मंडल को 16 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया। इसके साथ ही वह लगातार दूसरी बार इस सीट से विधायक चुने गए।

क्रिकेट मैदान से राजनीतिक मैदान तक

अशोक डिंडा भारतीय क्रिकेट में एक जाना-पहचाना नाम रहे हैं। उन्होंने 2009 में भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, जबकि 2010 में वनडे टीम में जगह बनाई।

अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में डिंडा ने 13 वनडे मुकाबलों में 12 विकेट और 9 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 17 विकेट हासिल किए। हालांकि उन्हें भारतीय टेस्ट टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिल सका।

घरेलू क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 116 मैचों में 420 विकेट लेकर खुद को देश के सफल तेज गेंदबाजों में शामिल किया। लिस्ट-ए क्रिकेट में भी उनके नाम 151 विकेट दर्ज हैं।

आईपीएल में भी छोड़ी छाप

डिंडा ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया। अपनी तेज गेंदबाजी और अनुभव के दम पर उन्होंने घरेलू क्रिकेट और टी20 लीग दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

बंगाल राजनीति में बढ़ा खेल जगत का प्रतिनिधित्व

अशोक डिंडा का मंत्री बनना खेल और राजनीति के बढ़ते मेल का एक और उदाहरण माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता और जनसंपर्क क्षमता भाजपा को ग्रामीण और युवा मतदाताओं के बीच और मजबूत कर सकती है।

क्रिकेट की पिच पर बल्लेबाजों को चुनौती देने वाले डिंडा अब प्रशासन और जनसेवा की नई जिम्मेदारियों के साथ राजनीतिक मैदान में अपनी अगली पारी खेलने के लिए तैयार हैं।

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