मुंबई: महाराष्ट्र में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मुंबई के घाटकोपर पश्चिम स्थित सागर पार्क सोसाइटी में बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों को रिहायशी परिसर में बांधे जाने पर विवाद खड़ा हो गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद भाजपा नेता Kirit Somaiya मौके पर पहुंचे और पुलिस तथा नगर निगम अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन कराने की चेतावनी दी।
निर्धारित स्थानों पर ही हो कुर्बानी: सोमैया
किरीट सोमैया ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी होना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है और इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया केवल नगर निगम द्वारा तय किए गए स्थानों पर ही की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में “माफियागिरी” फैलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी रिहायशी सोसाइटी के अंदर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए और यदि ऐसा होता है, तो इसके लिए संबंधित नगर आयुक्त जिम्मेदार होंगे। सोमैया ने पुलिस प्रशासन से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करने की बात कही।
“धर्म का पालन करें, लेकिन नियम भी मानें”
भाजपा नेता ने कहा कि सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है, लेकिन इसके साथ कानून और अनुशासन का पालन करना भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि नगर निगम अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि बकरीद के दौरान सभी व्यवस्थाएं नियमों के अनुसार सुनिश्चित की जाएं।
सोसाइटी चेयरमैन पर भी उठाए सवाल
सोमैया ने सवाल उठाया कि बकरों को सोसाइटी परिसर में लाने की अनुमति किसने दी। उन्होंने कहा कि किसी हाउसिंग सोसाइटी का चेयरमैन कुर्बानी की अनुमति देने का अधिकार नहीं रखता। उनका काम केवल सोसाइटी के रखरखाव और प्रशासन तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि “यह छत्रपति शिवाजी महाराज का महाराष्ट्र है, यहां किसी प्रकार की धार्मिक दबंगई नहीं चलेगी।” साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मीरा-भयंदर में भी हुआ था विवाद
इससे पहले मीरा रोड स्थित पूनम क्लस्टर सोसाइटी में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। कुछ निवासियों द्वारा कुर्बानी के लिए बकरियों को परिसर में लाने पर अन्य लोगों ने विरोध किया था, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
मीरा-भयंदर के डीसीपी राहुल चौहान के अनुसार, बाद में प्रशासन और निवासियों की बैठक हुई, जिसके बाद नगर निगम ने कुर्बानी के लिए अलग स्थान निर्धारित किया। सहमति बनने के बाद बकरियों को सोसाइटी से हटाकर निर्धारित स्थान पर भेज दिया गया और स्थिति सामान्य हुई।





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