कुरुक्षेत्र। शाहाबाद में माइनिंग कारोबारी सुनील भाटिया उर्फ बंटी पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जांच में कारोबारी प्रतिद्वंद्विता को हमले की मुख्य वजह बताया गया है। पुलिस ने साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी, उसके जीजा और दो शूटरों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
शिनाख्त परेड में हुई हमलावरों की पहचान
पुलिस द्वारा करवाई गई शिनाख्त परेड में घायल कारोबारी सुनील भाटिया ने दोनों शूटरों की पहचान कर ली। जांच के अनुसार करनाल जिले के बड़ोत गांव निवासी अमन और राहुल को वारदात को अंजाम देने के लिए शाहाबाद बुलाया गया था। दोनों आरोपी आपस में मित्र बताए जा रहे हैं।
कारोबारी रंजिश बनी हमले की वजह
सीआईए-2 की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू, जो स्वयं मिट्टी और रेत के कारोबार से जुड़ा है, का सुनील भाटिया के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने जीजा विजय के साथ मिलकर हमले की साजिश तैयार की।
वारदात से पहले करवाई गई थी रेकी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने हमले से पहले कारोबारी की गतिविधियों, दिनचर्या और आने-जाने के रास्तों की पूरी रेकी करवाई थी। उसकी पहचान और ठिकानों की जानकारी जुटाने के बाद हमले की योजना को अंतिम रूप दिया गया। रेकी और वारदात के लिए अलग-अलग मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल किया गया था।
पहचान पक्की कर बरसाईं गोलियां
जांच के अनुसार 31 मई को दोनों शूटर पहले से घटनास्थल पर मौजूद थे। उन्होंने मिट्टी डलवाने के बहाने सुनील भाटिया से बातचीत की और उसका नाम व मोबाइल नंबर लेकर पहचान सुनिश्चित की। जैसे ही पहचान की पुष्टि हुई, उन्होंने उसे दोबारा आवाज देकर बुलाया और पीछे मुड़ते ही ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले में एक गोली उसकी जांघ और दूसरी गर्दन में लगी थी।
हिमांशु भाऊ गैंग के नाम से वायरल पोस्ट निकली फर्जी
पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि सोशल मीडिया पर हमले की जिम्मेदारी लेने संबंधी कथित पोस्ट फर्जी थी। अधिकारियों के अनुसार यह पोस्ट केवल जांच को भटकाने के उद्देश्य से वायरल की गई थी। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इसे किसने प्रसारित किया।
रिमांड पर लेकर होगी आगे की पूछताछ
पुलिस ने मुख्य आरोपी रोबिन उर्फ मोनू, उसके जीजा विजय और दोनों शूटर अमन व राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है, ताकि हथियारों की व्यवस्था, साजिश और अन्य संभावित कड़ियों की गहन जांच की जा सके।
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