हांसी, 9 जून। हिसार जिले के हांसी क्षेत्र के गांव चानौत में लंबे समय से जारी पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन और तेज हो गया है। पिछले 25 दिनों से धरने पर बैठे ग्रामीणों ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है।
ग्रामीणों के समर्थन में सोमवार को सांसद दीपेंद्र हुड्डा धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस मामले में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इस मुद्दे को विधानसभा और लोकसभा दोनों सदनों में उठाया जाएगा।
दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि क्षेत्र के कई गांव पिछले लगभग 12 वर्षों से पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि हांसी शहर के लिए नई जलापूर्ति लाइन बिछाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन गांवों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आंदोलन में शामिल ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की।
इस दौरान सांसद ने केंद्र और प्रदेश सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल, डीजल और खाद की बढ़ती कीमतों ने आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। साथ ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को लेकर सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
धरना समिति के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि आमरण अनशन के लिए 27 ग्रामीणों ने अपनी सहमति दी है। इनमें से शुरुआती चरण में पांच ग्रामीण अनशन पर बैठेंगे।
रोहतक में इनेलो विधायक करण चौटाला और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार का रवैया दोहरा नजर आता है। वहीं मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर कांग्रेस की नजर बनी हुई है और किसी भी प्रकार की अनियमितता का पार्टी विरोध करेगी।
इस अवसर पर विधायक चंद्रप्रकाश जांगड़ा, विधायक जस्सी पेटवाड़, पूर्व मंत्री सुभाष गोयल, कांग्रेस नेता राहुल मक्कड़, तेलूराम जांगड़ा तथा पूर्व चेयरमैन सुमन शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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