चंडीगढ़, 9 जून। हरियाणा विधानसभा में कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन (CPA) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर व्यापक चर्चा की गई।
सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों, संसदीय विशेषज्ञों और विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाने, सुशासन को बढ़ावा देने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संस्थागत सुधारों पर विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में संसद और विधानसभाओं जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत बनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
सम्मेलन में आधुनिक तकनीक के उपयोग, विधायी प्रक्रियाओं में सुधार, युवा सहभागिता और नीति निर्माण में जनप्रतिनिधियों की भूमिका जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को समय की जरूरतों के अनुरूप अधिक सक्षम और उत्तरदायी बनाने पर जोर दिया।
प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई। सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के अनुभवों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को भी साझा किया गया।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के सम्मेलन लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच संवाद को बढ़ावा देने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए साझा रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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