वॉशिंगटन। अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना का समर्थन मिला है। इस प्रस्ताव में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ हिंदूफोबिया, हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह, घृणा अपराधों और मंदिरों पर बढ़ते हमलों की कड़ी निंदा की गई है।
यह प्रस्ताव मिशिगन से डेमोक्रेट सांसद Shri Thanedar द्वारा पेश किया गया था और अब तक इसे 32 सांसदों का समर्थन प्राप्त हो चुका है। समर्थकों में भारतीय मूल के अन्य सांसदों के साथ-साथ Ro Khanna भी शामिल हैं।
रो खन्ना ने जताया गर्व
रो खन्ना ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें इस पहल का सह-प्रायोजक बनने पर गर्व है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिका में हिंदू-अमेरिकी समुदाय के निरंतर योगदान और उसकी सांस्कृतिक विविधता को सम्मान देने का कार्य करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बहुसांस्कृतिक लोकतंत्र को मजबूत बनाने में विभिन्न समुदायों की भागीदारी और सम्मान महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रस्ताव में क्या कहा गया है?
प्रस्ताव के अनुसार, हिंदू धर्म दुनिया के सबसे प्राचीन और व्यापक रूप से मान्य धर्मों में से एक है, जिसके 100 से अधिक देशों में लगभग 1.2 अरब अनुयायी हैं। इसमें हिंदू धर्म को शांति, सहिष्णुता, पारस्परिक सम्मान और स्वीकार्यता जैसे मूल्यों को बढ़ावा देने वाली परंपरा बताया गया है।
दस्तावेज में उल्लेख किया गया है कि 1900 के दशक से अमेरिका में 40 लाख से अधिक हिंदू बस चुके हैं और उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
हिंदू संस्कृति के योगदान को मिली मान्यता
प्रस्ताव में कहा गया है कि हिंदू परंपराओं और विचारों ने अमेरिकी समाज को कई स्तरों पर समृद्ध बनाया है। योग, ध्यान, आयुर्वेद, कला, संगीत, नृत्य, दर्शन और सामुदायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में हिंदू संस्कृति का प्रभाव व्यापक रूप से देखा गया है।
इसके अलावा, प्रस्ताव में महात्मा गांधी की अहिंसा की विचारधारा के प्रभाव का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि गांधी के सिद्धांतों ने अमेरिकी नागरिक अधिकार आंदोलन के नेता Martin Luther King Jr. को भी प्रेरित किया था।
बढ़ते हिंदूफोबिया पर चिंता
प्रस्ताव में अमेरिका में बढ़ रहे हिंदू विरोधी पूर्वाग्रह, भेदभाव, घृणास्पद भाषण और घृणा अपराधों पर चिंता व्यक्त की गई है। इसमें कहा गया है कि कई हिंदू-अमेरिकियों को अपनी धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत के कारण रूढ़िवादी धारणाओं, गलत सूचनाओं और भेदभाव का सामना करना पड़ता है।
दस्तावेज में मंदिरों और हिंदू समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाओं की निंदा करते हुए ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
विविधता और समावेशिता के प्रति प्रतिबद्धता
प्रस्ताव के अंत में अमेरिका में हिंदुओं और हिंदू धर्म के ऐतिहासिक तथा वर्तमान योगदान को सम्मानित किया गया है। साथ ही यह दोहराया गया है कि अमेरिका सभी समुदायों के लिए समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित करने के अपने संकल्प पर कायम है।
इस पहल को हिंदू-अमेरिकी समुदाय की उपलब्धियों और चुनौतियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Leave a Reply