नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में बढ़त के बावजूद बाजार अंततः गिरावट के साथ बंद हुआ। लगातार चौथे सत्र में कमजोरी दर्ज करते हुए सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 508.40 अंक (0.67%) गिरकर 74,267.34 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 165.16 अंक (0.70%) टूटकर 23,382.60 पर पहुंच गया।
बाजार की शुरुआत सकारात्मक रही थी, लेकिन दिनभर के कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ने से प्रमुख सूचकांक अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सके।
किन शेयरों पर रहा दबाव?
कारोबार के दौरान कई दिग्गज शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। विशेष रूप से एचयूएल (HUL) और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की व्यापक तस्वीर भी कमजोर रही। एनएसई पर सूचीबद्ध 2,200 से अधिक शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या काफी कम रही।
गिरावट की प्रमुख वजहें
विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता रही।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है, जिससे बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बनी कारण
बाजार पर दबाव बढ़ाने वाले अन्य कारकों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी शामिल रही।
विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं, जिसके चलते इक्विटी बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और प्रमुख आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
यदि वैश्विक तनाव कम होता है और विदेशी निवेशकों की खरीदारी लौटती है, तो बाजार में फिर से मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
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