देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर वाहनों के संचालन को लेकर नई समय-सीमा लागू कर दी है। अब चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्री और मालवाहक वाहन केवल सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे।
गढ़वाल मंडल आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, सभी वाहन चालकों और परिवहन संचालकों को निर्धारित समय का सख्ती से पालन करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
अधिकारियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में रात के समय वाहन संचालन दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकता है। इसी वजह से यात्रा मार्गों पर वाहनों के संचालन के लिए निर्धारित समय तय किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो सके।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
टिहरी जिला प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे वाहन चालकों पर निर्धारित समय के बाद यात्रा जारी रखने का दबाव न बनाएं और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन सतर्क
चारधाम यात्रा में इस वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन यातायात व्यवस्था, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। अधिकारियों का मानना है कि नई समय-सीमा लागू होने से यात्रा मार्गों पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
प्रशासन की ओर से जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। यात्रा से जुड़े सभी वाहन संचालकों, परिवहन कंपनियों और श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील की गई है ताकि चारधाम यात्रा सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित हो सके।
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