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अनिल विज ने अपने विभाग के अधिकारियों को राजनीति का गंदा खेल न खेलने की दी चेतावनी।

अनिल विज ने अपने विभाग के अधिकारियों को राजनीति का गंदा खेल न खेलने की दी चेतावनी।
विज ने लगाया आरोप कुछ अधिकारी उनके विभागों के कामो में डाल रहे है बाधा।
मुख्यमंत्री और मैं एक दूसरे के दोस्त …. अनिल विज

चंडीगढ़,28 जुलाई।
कुछ अधिकारियों के कामकाज से नाराज स्वास्थ्य व गृह मंत्री अनिल विज ने इन अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए चेतावनी दी है कि काम ठीक ना करने वाले अधिकारियों को या उनके रास्ते में बाधा डालने वाले अधिकारियों को भुगतनी पड़ेगी ।विज ने बकायदा यह चेतावनी मीडिया से भी सांझी की है।उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल व उन्हें अलग समझते हैं। लेकिन वे और मुख्यमंत्री अच्छे दोस्त हैं और यह गंदा खेल खेलने वाले अधिकारियों को इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

विज ने जारी एक बयान में कहा है कि माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ अधिकारी मेरे विभागीय कार्यों में इस प्रकार बाधा डाल रहे हैं। मानो मैं और मुख्यमंत्री एक दूसरे के विरुद्ध हों। वे पूरी तरह गलत हैं। उनहाने कहा कि गंदा खेल खेलकर नेतागिरी करने वाले अधिकारियों को अपनी ड्यूटी की तरफ ध्यान देना चाहिए।

अनिल विज के पास ग्रह, स्वास्थ्य, शहरी निकाय व तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। यह विभाग सीधे जनता से जुड़े हुए सीधे विभाग है। विज उनके मताहत महकमो के उच्च अधिकारियों से कई दफा खफा होते रहे हैं। और इन अधिकारियों के खिलाफ लिखते भी रहे हैं ।पुलिस विभाग के कार्य से खुश नहीं हुए क्योंकि हजारों की तादाद में एप्लीकेशन वहां पेंडिंग हैं और उनके द्वारा पत्राचार का जवाब भी नहीं दिया जाता है। इसी तरह विज एक समय पहले अपने दो प्रमुख विभागों के उच्च अधिकारी से नाराज हो चुके हैं और और मुख्य सचिव को भी लिख चुके हैं ।
अब विज का ऐसा कहना गंभीर है हालांकि विज ने अपने इस मैसेज में किसी अधिकारी का नाम नहीं लिया है। हाल ही में बिज कुरुक्षेत्र
के एसपी द्वारा उनके पत्रों का जवाब ना देने के चलते अतिरिक्त मुख्य सचिव के माध्यम से स्पष्टीकरण भी मांगा है । यही हाल स्वास्थ्य विभाग की एक महिलाअधिकारी का भी था जिसे उन्होंने सस्पेंड किया था । हाल ही में विज ने नगर निगम गुड़गांव पर छापा मारा था तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी चेतावनी देकर जनहित के कार्यों में देरी न करने की बात कही थी,लेकिन यह गिने-चुने किस्से हैं बात इससे भी आगे है जो विज को हजम नहीं हो रही ।प्रदेश में सभी जानते हैं कि विज अपने कामों को लेकर सजग रहते हैं और ज्यादातर अपने कार्यालय कार्यालय में उपस्थित होते हैं
कोविड काल मे लगातार विज आते रहे है।
यह भी सर्वविदित है की सीआईडी महकमे को लेकर अनिल विज और मुख्यमंत्री में कशमकश रही ,लेकिन बावजूद इसके कभी एक दूसरे ने एक दूसरे के खिलाफ मीडिया में नहीं बोला ।विज पहले भी यही दावा करते रहे कि मुख्यमंत्री उनके बढ़िया दोस्त हैं और सरकार के सर्वे सर्वा हैं जो भी फैसला लेंगे उन्हें मंजूर होगा। इसके अलावा टकराव के और भी मौके आए यही बात को लेकर कुछ अधिकारी विज के आदेशों की या उनके पत्र व्यवहार की अवमानना करने लगे जो उन्हें नागवार गुजरी और उनका गुस्सा फूट पड़ा।

अब विज की चेतावनी के अर्थों को समझा जाये। उन्होंने यह स्पष्ट कहा है कि कुछ अधिकारी मेरे विभागीय कामों में रुकावट डाल रहे हैं। जिसका अर्थ सीधा है कि विज के अधीन विभागों के अधिकारियों के लिए यह संदेश है। विज के यह तेवर स्पष्ट करते हैं कि आने वाले समय में हरियाणा प्रशासनिक अमले में जब भी फेरबदल हुआ, तब इनके विभागों के अधिकारियों को बदला जा सकता है। विज ने इस संदेश के द्वारा सभी को चेतावनी देने की कोशिश की है।

गौरतलब है कि अनिल विज अधिकारियों द्वारा जनहित में किए गए कामों को लेकर बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। साथ ही विज इस बात से और ज्यादा नाराज हैं कि उनके इंटरफेयर के बावजूद अधिकारी काम नहीं करना चाहते। विज का मानना है कि अगर उनके दखल के बाद भी काम नहीं होते तो फिर आम जनता को यह अधिकारी किस हद तक परेशान कर रहे होंगे। विपक्ष भी समय-समय पर यह आरोप लगाता रहा है कि अफसरशाही सरकार पर हावी है। वहीं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता भी संगठन की बैठकों में मुद्दा उठाते रहे हैं ।

 

राकेश गुप्ता

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