gorakhpur lake side speech

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के प्रसिद्ध चिलुआताल को पर्यावरण अनुकूल पर्यटन और वाटर स्पोर्ट्स के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह रामगढ़ताल को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिली है, उसी तरह चिलुआताल को भी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर आकर्षक पर्यटन स्थल बनाया जाएगा।

मंगलवार को चिलुआताल में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से कराए गए सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण और विकास को प्राथमिकता दे रही है।

पिछली सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तालाबों और पोखरों पर अवैध कब्जे आम बात थे। उन्होंने कहा कि कई लोग इन जलाशयों को अपनी निजी संपत्ति समझकर उन पर निर्माण कर लेते थे, जबकि जिन स्थानों पर कब्जा नहीं हो पाता था, वे गंदगी और अपराध का केंद्र बन जाते थे।

उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” जल स्रोतों को बचाने और उनका संरक्षण करने के साथ-साथ उन्हें पर्यटन एवं जनसुविधा के केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।

चिलुआताल में लगेगा फ्लोटिंग सोलर प्लांट

मुख्यमंत्री ने बताया कि चिलुआताल में कोल इंडिया लिमिटेड के सहयोग से फ्लोटिंग सोलर प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। इस परियोजना के तहत लगभग 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद गोरखपुर शहर की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।

रामगढ़ताल की तर्ज पर होगा विकास

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी तक गोरखपुर में पर्यावरण अनुकूल पर्यटन का प्रमुख केंद्र रामगढ़ताल रहा है। सरकार ने वहां सफाई अभियान चलाकर नालों के पानी की समस्या को दूर किया और झील से गाद निकालकर उसे नया स्वरूप दिया।

उन्होंने विश्वास जताया कि चिलुआताल भी आने वाले समय में वाटर स्पोर्ट्स, इको-टूरिज्म और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रदेश का प्रमुख आकर्षण बनेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

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