चंडीगढ़। हरियाणा के लाखों आयुष्मान भारत और चिरायु योजना लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने 5 जून से आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज बंद करने के अपने प्रस्तावित निर्णय को वापस ले लिया है। इसके बाद प्रदेश के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों का इलाज पहले की तरह जारी रहेगा।
एचएचपीए के साथ बैठक के बाद बनी सहमति
यह फैसला हरियाणा हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी (एचएचपीए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतबीर मान और आईएमए प्रतिनिधियों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया। बैठक में अस्पतालों द्वारा उठाए गए कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और समाधान का आश्वासन दिया गया।
लंबित भुगतानों और क्लेम प्रक्रिया पर मिला भरोसा
बैठक में लंबित भुगतानों के जल्द निपटारे, क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने तथा बिना उचित कारण की जाने वाली अनावश्यक कटौतियों को रोकने पर सहमति बनी। साथ ही अस्पतालों की समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित और संवाद आधारित तंत्र विकसित करने का भी आश्वासन दिया गया।
नियमित संवाद से दूर होंगी समस्याएं
आईएमए ने बताया कि प्राधिकरण और निजी अस्पतालों के बीच नियमित संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा या गलतफहमी को समय रहते दूर किया जा सके। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि क्लेम में किसी प्रकार की कटौती होने पर उसका स्पष्ट और उचित कारण बताना आवश्यक होगा।
अस्पतालों को दिए गए निर्देश
आईएमए ने अपने सदस्य अस्पतालों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आयुष्मान टीम की ओर से क्लेम संबंधी जो भी आपत्तियां उठाई जाएं, उनका समय पर जवाब दिया जाए ताकि भुगतान और उपचार प्रक्रिया सुचारु रूप से चलती रहे।
इस फैसले के बाद प्रदेश के आयुष्मान भारत और चिरायु योजना से जुड़े लाखों लाभार्थियों को राहत मिली है और उन्हें कैशलेस उपचार सेवाएं बिना किसी बाधा के मिलती रहेंगी।
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