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वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब जंग केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रह गई है। तेहरान की सड़कों पर लगे विशाल होर्डिंग्स और बिलबोर्ड्स इन दिनों वैश्विक चर्चा का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इन प्रतीकात्मक संदेशों के माध्यम से आधुनिक सूचना और मनोवैज्ञानिक युद्ध की रणनीति को आगे बढ़ा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ये बिलबोर्ड केवल स्थानीय जनता के लिए नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाते हैं। इनमें फारसी के साथ-साथ अंग्रेजी और हिब्रू भाषाओं का भी उपयोग किया जाता है ताकि संदेश वैश्विक स्तर तक पहुंच सके।

1. ‘एपस्टीन मिसाइल’ और प्रतीकात्मक संदेश

सबसे चर्चित होर्डिंग्स में से एक में ईरानी मिसाइलों पर लिखे गए संदेश दिखाई देते हैं। इनमें युद्ध में मारे गए लोगों और कथित पीड़ितों का संदर्भ देकर मिसाइलों को केवल हथियार नहीं बल्कि स्मृति, प्रतिशोध और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

इस अभियान के जरिए ईरान भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव पैदा करने की कोशिश करता नजर आता है।

2. ‘मास्टर्स ऑफ वॉर’ से विरोधियों को संदेश

एक अन्य बड़े बिलबोर्ड पर फारसी भाषा में लिखा गया है कि यदि युद्ध थोपा गया तो ईरान उसका सामना करने के लिए तैयार है। इसके साथ इजराइल को संबोधित संदेश और मिसाइलों की तस्वीरें दिखाई गई हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह पोस्टर विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करने की रणनीति का हिस्सा है।

3. ट्रंप की तस्वीर वाला विवादित पोस्टर

एक अन्य द्विभाषी बिलबोर्ड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है। पोस्टर में फारसी और अंग्रेजी संदेशों के माध्यम से अमेरिका की नीतियों और बयानों पर कटाक्ष किया गया है।

इस होर्डिंग का उद्देश्य राजनीतिक संदेश देने के साथ-साथ वैश्विक मीडिया का ध्यान आकर्षित करना भी माना जा रहा है।

4. प्राचीन नायक ‘अराश धनुर्धर’ का इस्तेमाल

ईरान ने अपने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक प्रतीकों को भी इस अभियान में शामिल किया है। एक बिलबोर्ड में फारसी लोककथाओं के नायक अराश धनुर्धर को आधुनिक मिसाइलों के बीच दर्शाया गया है।

इस प्रतीक के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि देश की रक्षा के लिए बलिदान और संघर्ष की भावना आज भी जीवित है।

5. फारस की खाड़ी को दिखाया ‘शिकार क्षेत्र’

एक अन्य चर्चित होर्डिंग में फारस की खाड़ी के ऊपर फैले जाल में लड़ाकू विमान, ड्रोन और नौसैनिक जहाज फंसे हुए दिखाए गए हैं। इसके माध्यम से ईरान ने क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति और निगरानी क्षमता का संदेश देने का प्रयास किया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह पोस्टर सैन्य शक्ति से अधिक रणनीतिक सोच और दीर्घकालिक तैयारी का प्रतीक है।

सूचना युद्ध का नया चेहरा

विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक दौर में युद्ध केवल हथियारों से नहीं लड़े जाते, बल्कि सूचना, प्रतीकों और जनमत के माध्यम से भी प्रभाव डाला जाता है। तेहरान के ये होर्डिंग्स इसी रणनीति का हिस्सा माने जा रहे हैं।

इनका उद्देश्य केवल स्थानीय स्तर पर संदेश देना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक अपनी बात पहुंचाना भी है। यही कारण है कि ये बिलबोर्ड आज राजनीतिक प्रचार से आगे बढ़कर वैश्विक सूचना युद्ध का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं।

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