वॉशिंगटन। अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ बढ़ती नकारात्मक बयानबाजी के बीच टेक्सास से एक विवादास्पद घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक व्यक्ति भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फाड़ते हुए दिखाई दे रहा है और भारतीय आप्रवासियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करता नजर आ रहा है।
वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति की पहचान टेक्सास निवासी क्लेटन वॉकर के रूप में बताई जा रही है। कथित तौर पर यह घटना एक सिटी हॉल के बाहर हुई, जहां उसने भारतीय समुदाय को लेकर कई विवादित बयान दिए और भारतीय आप्रवास को “आक्रमण” करार दिया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
वायरल वीडियो में वॉकर भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाते हुए दावा करता है कि भारतीय आप्रवासी अमेरिका की पहचान और स्थानीय व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। इस दौरान वह भारतीय तिरंगे को फाड़ता हुआ भी दिखाई देता है, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उसकी कड़ी आलोचना शुरू हो गई।
वीडियो तेजी से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है और इस घटना को लेकर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
विवादित इन्फ्लुएंसर ने भी किया साझा
इस वीडियो को अमेरिका के दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर एलिजाह शेफर ने भी अपने प्लेटफॉर्म पर साझा किया। शेफर पहले भी भारतीय मूल के नेताओं और भारतीय-अमेरिकी समुदाय को लेकर विवादित टिप्पणियों के कारण चर्चा में रह चुके हैं।
वीडियो के प्रसार के बाद भारतीय समुदाय से जुड़े कई संगठनों ने चिंता व्यक्त की है और इसे नफरत फैलाने वाला कृत्य बताया है।
भारतीय-अमेरिकी समुदाय ने की निंदा
भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि यह केवल आव्रजन नीति पर असहमति का मामला नहीं है, बल्कि भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाकर की गई आपत्तिजनक हरकत है।
समुदाय के नेताओं का कहना है कि किसी देश के राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करना और पूरे समुदाय को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदायक है।
विशेषज्ञों ने जताई चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका में आव्रजन को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के दौरान कुछ कट्टरपंथी समूह भारतीयों सहित एशियाई मूल के लोगों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि अमेरिका का बड़ा वर्ग बहुसांस्कृतिक समाज और विविधता का समर्थन करता है, लेकिन इस प्रकार की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि नस्लीय और जातीय आधार पर भेदभाव की चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।
फिलहाल यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और भारतीय-अमेरिकी समुदाय इससे जुड़े घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।
Leave a Reply