नई दिल्ली। कई गंभीर बीमारियां लंबे समय तक शरीर में बिना स्पष्ट लक्षणों के विकसित होती रहती हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ नियमित हेल्थ चेकअप कराने की सलाह देते हैं। पुरुषों में तेजी से बढ़ रही स्वास्थ्य समस्याओं में प्रोस्टेट कैंसर भी शामिल है, जो दुनिया भर में सबसे आम कैंसरों में गिना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और स्क्रीनिंग के जरिए इस बीमारी का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है.
पुरुषों में तेजी से बढ़ रहा है प्रोस्टेट कैंसर का खतरा
स्वास्थ्य रिपोर्टों के अनुसार, प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में पाए जाने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। विशेषज्ञों का मानना है कि हर वर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं और बड़ी संख्या में लोगों की मौत भी इस बीमारी के कारण होती है।
हालांकि, यदि कैंसर का शुरुआती अवस्था में पता चल जाए तो मरीज के ठीक होने की संभावना काफी बेहतर हो सकती है। इसी वजह से डॉक्टर समय-समय पर स्क्रीनिंग कराने की सलाह देते हैं।
क्या होता है PSA टेस्ट?
PSA यानी प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट एक सामान्य ब्लड टेस्ट है, जिसके जरिए प्रोस्टेट ग्रंथि से बनने वाले एक विशेष प्रोटीन की मात्रा की जांच की जाती है।
आमतौर पर यह प्रोटीन रक्त में कम मात्रा में मौजूद रहता है, लेकिन प्रोस्टेट में किसी प्रकार की असामान्यता होने पर इसका स्तर बढ़ सकता है। डॉक्टर इस टेस्ट की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की आवश्यकता का आकलन करते हैं।
क्या PSA बढ़ने का मतलब कैंसर है?
विशेषज्ञों के अनुसार, केवल PSA का बढ़ा हुआ स्तर कैंसर की पुष्टि नहीं करता।
कई बार प्रोस्टेट में सूजन, संक्रमण या अन्य समस्याओं के कारण भी PSA का स्तर बढ़ सकता है। वहीं कुछ मामलों में कैंसर होने के बावजूद PSA सामान्य सीमा में रह सकता है। इसलिए डॉक्टर मरीज की उम्र, मेडिकल हिस्ट्री और अन्य जांचों के साथ रिपोर्ट का मूल्यांकन करते हैं।
किन लोगों को करानी चाहिए यह जांच?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार:
- 50 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों को नियमित जांच पर विचार करना चाहिए।
- जिन लोगों के परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास रहा हो, उन्हें डॉक्टर से पहले ही सलाह लेनी चाहिए।
- यदि पिता, भाई या करीबी रिश्तेदार को प्रोस्टेट कैंसर रहा हो तो जोखिम बढ़ सकता है।
- किसी भी संदिग्ध लक्षण की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।
प्रोस्टेट कैंसर के संभावित लक्षण
विशेषज्ञ बताते हैं कि निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने की आवश्यकता हो सकती है:
- बार-बार पेशाब आना
- रात में कई बार पेशाब के लिए उठना
- पेशाब शुरू करने में कठिनाई
- पेशाब की धार कमजोर होना
- पेशाब या वीर्य में खून आना
- पेल्विक क्षेत्र में लगातार दर्द रहना
हालांकि ये लक्षण केवल प्रोस्टेट कैंसर के नहीं होते, बल्कि अन्य प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं। इसलिए सही कारण जानने के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
समय पर जांच क्यों है जरूरी?
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रोस्टेट कैंसर को शुरुआती चरण में पहचान लेने पर इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है। नियमित स्वास्थ्य जांच, स्वस्थ जीवनशैली और डॉक्टर की सलाह के अनुसार स्क्रीनिंग कराने से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
समय रहते सतर्कता और सही जांच इस गंभीर बीमारी के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकती है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी प्रकार की जांच, उपचार या स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।
Leave a Reply