कोलकाता: पश्चिम बंगाल में कथित अवैध प्रवासियों की पहचान और सत्यापन के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में 11 होल्डिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां दस्तावेजों और नागरिकता संबंधी जांच पूरी होने तक संदिग्ध विदेशी नागरिकों को रखा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, रिकॉर्ड सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से की जा रही है।
11 जिलों में बनाए गए विशेष होल्डिंग सेंटर
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक राज्य के विभिन्न सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में होल्डिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- बसीरहाट
- बोंगांव
- बरासत
- बरुईपुर
- सुंदरबन क्षेत्र
- मुर्शिदाबाद
- जंगीपुर
- कृष्णानगर
- मालदा
- कूचबिहार
- दक्षिण दिनाजपुर
इन केंद्रों में उन लोगों को रखा जा रहा है जिनकी नागरिकता और दस्तावेजों की जांच अभी जारी है।
335 लोगों की हो रही जांच
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में कुल 335 लोग इन केंद्रों में रखे गए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- 148 पुरुष
- 99 महिलाएं
- 88 बच्चे
प्रशासन का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति के दस्तावेजों, पहचान और नागरिकता संबंधी दावों की अलग-अलग जांच की जा रही है।
बसीरहाट क्षेत्र पर विशेष निगरानी
उत्तर 24 परगना जिले का बसीरहाट क्षेत्र, जो बांग्लादेश सीमा के निकट स्थित है, प्रशासन के लिए विशेष फोकस का क्षेत्र बना हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार सीमा से सटे इलाकों में पहचान और सत्यापन अभियान को और तेज किया गया है। जांच एजेंसियां दस्तावेजों की वैधता और निवास संबंधी जानकारी की पड़ताल कर रही हैं।
सीमा क्षेत्रों में बढ़ी प्रशासनिक गतिविधियां
हाल के दिनों में सीमा चौकियों पर लोगों की आवाजाही और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया बढ़ी है। प्रशासन विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय कर पहचान से जुड़े मामलों की समीक्षा कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि जिन मामलों में नागरिकता या वैध दस्तावेजों को लेकर संदेह है, वहां विस्तृत जांच की जा रही है और आवश्यक होने पर संबंधित व्यक्तियों को होल्डिंग सेंटर भेजा जा रहा है।
मालदा बना कार्रवाई का प्रमुख केंद्र
मालदा जिले में स्थापित एक होल्डिंग सेंटर प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए:
- सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था
- 24 घंटे सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
- दस्तावेज सत्यापन की विशेष प्रक्रिया
जैसे कदम उठाए गए हैं।
प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद प्रत्येक मामले में कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा और दस्तावेज सत्यापन पर जोर
राज्य गृह विभाग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक आवश्यक बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया कानून के दायरे में और निर्धारित प्रशासनिक नियमों के तहत संचालित की जा रही है। नागरिकता, पहचान और वैध दस्तावेजों से जुड़े मामलों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ती गतिविधियों और पहचान अभियान के बीच राज्य प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां, जिला प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रहे हैं ताकि जांच प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सके।
Leave a Reply