हरियाणा सरकार ने भूजल दोहन के लिए बोरवेल निर्माण की अनुमति से संबंधित एक महत्वपूर्ण सेवा को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत शामिल कर लिया है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन एवं प्रबंधन) प्राधिकरण द्वारा भूजल दोहन हेतु बोरवेल निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) अथवा अनुमति प्रदान करने की सेवा अब निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।अधिसूचना में इस सेवा के लिए 45 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत संबंधित प्राधिकरण को आवेदन प्राप्त होने के बाद 45 दिनों के भीतर अनापत्ति प्रमाण-पत्र अथवा अनुमति जारी करनी होगी।अधिसूचना के अनुसार, इस सेवा के लिए मुख्य तकनीकी अधिकारी को नामित अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, मुख्य हाइड्रोलॉजिस्ट को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है।

हरियाणा सरकार ने सेवा को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाया

हरियाणा सरकार ने भूजल दोहन के लिए बोरवेल निर्माण की अनुमति से संबंधित एक महत्वपूर्ण सेवा को हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के अंतर्गत शामिल कर लिया है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन एवं प्रबंधन) प्राधिकरण द्वारा भूजल दोहन हेतु बोरवेल निर्माण के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) अथवा अनुमति प्रदान करने की सेवा अब निर्धारित समय सीमा के भीतर उपलब्ध कराई जाएगी।अधिसूचना में इस सेवा के लिए 45 दिन की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके तहत संबंधित प्राधिकरण को आवेदन प्राप्त होने के बाद 45 दिनों के भीतर अनापत्ति प्रमाण-पत्र अथवा अनुमति जारी करनी होगी।अधिसूचना के अनुसार, इस सेवा के लिए मुख्य तकनीकी अधिकारी को नामित अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, मुख्य हाइड्रोलॉजिस्ट को प्रथम शिकायत निवारण प्राधिकारी तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी को द्वितीय शिकायत निवारण प्राधिकारी नामित किया गया है।

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