नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 2,004 करोड़ रुपये के कथित होमबायर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रियल एस्टेट कंपनी अर्थ इंफ्रास्ट्रक्चर्स लिमिटेड (Earth Infrastructures Ltd.) के चार प्रमुख प्रमोटरों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार इस कथित घोटाले से 19 हजार से अधिक घर खरीदार और निवेशक प्रभावित हुए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवधेश कुमार गोयल, रजनीश मित्तल, अतुल गुप्ता और विकास गुप्ता शामिल हैं। ED ने बताया कि सभी आरोपियों को 1 जून को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें दिल्ली की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने पांच दिन की ED हिरासत मंजूर कर ली।
19 हजार से अधिक निवेशकों से जुटाए गए थे 2,004 करोड़ रुपये
जांच एजेंसी के अनुसार कंपनी ने 19,425 से अधिक होमबायर्स और निवेशकों से करीब 2,004 करोड़ रुपये एकत्र किए थे। निवेशकों को निर्धारित समय में आवासीय और व्यावसायिक यूनिट देने के साथ-साथ आकर्षक रिटर्न का भी वादा किया गया था।
हालांकि, कई परियोजनाएं अधूरी रह गईं और बड़ी संख्या में खरीदारों को न तो फ्लैट मिले और न ही उनकी निवेश राशि वापस की गई। इसके चलते हजारों निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
467 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन का आरोप
ED की जांच में यह भी सामने आया है कि लगभग 467 करोड़ रुपये विभिन्न समूह कंपनियों, संबंधित संस्थाओं और अन्य व्यक्तियों के माध्यम से कथित तौर पर दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किए गए।
एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग कई चल और अचल संपत्तियां खरीदने में किया गया। इन संपत्तियों को कथित रूप से प्रमोटरों और उनके सहयोगियों के नाम पर रखा गया था।
EOW की FIR से शुरू हुई जांच
यह मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज पांच अलग-अलग FIR के आधार पर सामने आया था। इन मामलों में कंपनी, उसके निदेशकों और संबंधित संस्थाओं पर धोखाधड़ी, निवेशकों को गुमराह करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) ने भी कंपनी के प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ कंपनी अधिनियम की धारा 447 के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की है।
पहले भी हो चुकी है छापेमारी
इससे पहले अप्रैल 2026 में ED ने दिल्ली-एनसीआर स्थित अर्थ ग्रुप से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की थी। तलाशी अभियान के दौरान एजेंसी ने करीब 6.30 करोड़ रुपये नकद, लगभग 8.78 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण तथा 100 से अधिक अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार बरामद संपत्तियों का अनुमानित बाजार मूल्य 100 करोड़ रुपये से अधिक है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और ED धन शोधन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
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