थोड़ा ही सही सफ़र तो किया अजनबी के साथ राबता तो किया हौंसला ना हुआ हमसे उनकी निस्बत में जाने का डर लगा रहा फिरसे चोट खाने का हफ़ीज़ा में तो तस्वीर दोखे की ही रही हमने अजनबी की आँखों से ये पता तो किया वक़्त का फिर से क्या भरोसा कब इतिहास दोहरा दे...
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Category: Sad Shayari In Hindi
Sath Humare Reh Kar Bhi Dur Humse Rahe – Dokha Shayari In Hindi
साथ हमारे रह कर भी दूर हम से रहे उनके होते हुए भी अकेले पन से नाता हम जोड़ते रहे अरसा हो गया हसरत-ए-दीद में उन्हें ग़ैरों के साथ देख कर उनके लौट आने की उम्मीद में दिल को समझाते रहे इल्म नहीं था हमे फिर देखेंगे उन्हें कभी इस ज़िंदगी-ए-सफ़र में खबर हमारी मौत...
Vo Lafz Kha Se Lau Jo Unhe Samajh Aa Sake – Dokha Shayari In Hindi
वो लफ़्ज़ कहा से लाऊ जो उन्हें समझ आ सके वो दिल कहा से लाऊ जिस पे वो राज कर सके उनके फ़रेब में इस कदर चले गये वो हमारे साथ रह कर भी एक पल की ना ख़ुशी हमे दे सके किसी और के आने की ख़ुशी अब क्या मनाये हम वो जाते जाते...
Ishq Ki Tishnagi Hume Is Kadar Lag Gayi – Dard Shayari In Hindi
इश्क़ की तिशनगी हमे इस कदर लग गई हिकायत हमारी निसाब पर लिखी रह गई जफ़ा में रहे हुए क़वाम ना माँग पाये अपने लिए तारीह में ज़िंदगी हमारी बंद कर रह गई दरमान केसे कराएंगे अपना हम किसी और से हमारे दिल पर नाम तुम लिख कर चली गई इ’तिमाद रहा करता था तुम...
Ilzaam Hum Pe Kuch Esa Laga Hua Hai – Dard Shayari In Hindi
इल्ज़ाम हम पे कुछ ऐसा लगा हुआ है तसरीह में ज़िंदगी का उलजना लगा हुआ है लफ़्ज़ों के जाल में नहीं उलझे कभी हम उनकी उल्फ़त में ज़िंदगी का उलझना लगा हुआ है नदमत हमे नहीं हुईकभी उनके लिए हिज्र की आग मैं सुलझे तो पता चला है शहर-ए-खताल सजाते रहे जिसके लिए इश्क़ में...
Unki Ulfat Ke Urooz Me Rahe Hum Ta Umer – Dard Shayari In Hindi
उनकी उल्फ़त के उरूज में रहे हम ता उम्र फिर भी इसज़िंदगानी में हरुज़ से दूर रहे हम ता उम्र उनकी निगह-ए-सोख भी हम पर ही थी खेलने के लिए खिलौना चाहिए था उन्हें ता उम्र पायाब-ए-इश्क़ हमारा नहीं लगेगा उन्हें ता उम्र ज़ब्त ख़ुद पर ही लगते रहे वो ता उम्र वो कभी अन्ना...
Itar Vo Naye Naye Lagate The – Dokha Shayari In Hindi
इत्र वो नये नये लगाते थे दोखे की बदबू को छिपा कर रखते थे अनजान को अपना बनाकर मारने के लिए छोड़ देते थे हस्त-ओ-बस्त तो पहले से ही थी ज़िंदगी हमारी वो सफ़ीना-ए-ज़िंदगी को डुबाने में मसरूफ़ रहते थे ना तावाँ हो कर रह गये हम उनकी उल्फ़त में तिरगी में रखना वो अछे...
Ek Gunha Fir Se Karna Hai | Sad Shayari In Hindi
एक गुनहा फिर से करना है शहर-ए-इश्क़ में फिर से घूमना है आख़िर कही से तो हमे सकून मिलेगा टूटे दिल का इलाज फिर से करनाहै ऐसा गुनहा बार बार करना है उस की काली यादें अभी भी है ये काली यादें मिटाने जाना है गहरा ज़ख्म अभी भी है इस का वैद जो ढूँढने...
Kya Sahi Main Jante Hai Log Hume Hamare Bare Me | Sad Poetry In Hindi
क्या सही में जानते है लोग हमे हमारे बारे मैं अच्छा नहीं है बस यह जूठ ही तो जानते है पता करो हमारे बारे उस शक्ष से जिस के लिए काँच पर भी चले है वो जो दुसरों से तुलना हमारी कभी किया करते थे जो हम में कमी देख कर दूसरों के पास...
Dil-E-Dariya Me Aag Suljhi Hui Hai | Sufi Poetry In Hindi
दिल-ए-दरिया मैं आग सुलझी हुई है कम उम्र मैं यह गुस्ताखी हम से हुई है जिसे हम अपना समजतें थे वो ही दूर हम से हुई है नफ़रत चहा कर भी ना उस से हुई है पता नहीं एसा क्या सरूर था उस के लहजे मैं ग़ैरों के आग़ोश मैं जो गई हुई है हवा...

