पंचकूला, 9 जून। हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के एक कथित बयान को लेकर प्रदेश में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। “बेटी को 15 मिनट अकेला छोड़ दो” संबंधी टिप्पणी पर नर्सिंग एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे महिलाओं और बेटियों के सम्मान के खिलाफ बताया है।
नर्सिंग एसोसिएशन ने बयान को असंवेदनशील करार देते हुए कहा कि संवैधानिक और जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों को सार्वजनिक मंचों पर अपने शब्दों का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए। संगठन का आरोप है कि इस प्रकार की टिप्पणियां महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को लेकर गलत संदेश दे सकती हैं।
विवाद के बीच नर्सिंग एसोसिएशन ने महिला आयोग की चेयरपर्सन से सार्वजनिक माफी की मांग करने के साथ-साथ उनके इस्तीफे की भी मांग उठाई है। संगठन का कहना है कि इस मामले में स्पष्ट जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
मामले ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी चर्चा को तेज कर दिया है। विभिन्न वर्गों के लोग इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां कई लोगों ने बयान की आलोचना की है, वहीं कुछ का मानना है कि पूरे मामले को उसके वास्तविक संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।
फिलहाल नर्सिंग एसोसिएशन अपने रुख पर कायम है और विरोध जारी रखने की बात कह रही है। ऐसे में यह विवाद शांत होने के बजाय और अधिक गहराता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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