चंडीगढ़: अकालीदल भाजपा के शिष्टमंडल दुआरा अकालीदल अध्यक्ष सुखबीर बादल की अध्यक्षता में पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात की जिसमे दो मुद्दे मुख्य रूप में उठाए। एसजीपीसी हरियाणा में अलग से बनाई जा सकती है ऐसा एक एफिडेविट हरियाणा के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट में दिया तो वही बेहबल क्लां गोलीकांड के मुख्य गवाह की मौत में सीबीआई जांच की मांग करवाने का मुद्दा मुख्य रहने वाला है।
सुखबीर बादल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया की गांधी परिवार की सिक्खों के प्रति नफरत है और जब उन्हें मोक मिलता है तो वह निकलते है जिसके चलते अब एसजीपीसी को तोड़ने की फिर कवायद शुरू की है जोकि पहले भी एक बार भूपिंदर हुड्डा की सरकार के समय यह मुद्दा उठाया था।जिसमे उनका मकसद यह है कि पहले हरियाणा की अलग कर दो फिर पंजाब में बिखेर दो जबकि पार्लिमेंट ईस्ट के तहत यह कमेटी है व अंतरराज्य कमेटी है ।एसजीपीसी में बदलाव तभी हो सकता है जब एसजीपीसी में बहुमत के साथ फैसला हो और अब जब गांधी परिवार का आदेश आया है तो एफिडेविट कैप्टन ने एफिडेविट बदल है जिसमे हमने राज्यपाल से मुलाकात की है कि यह वापिस हुक चाहिए।इस से सिक्खों के सेंटिमेंटल हर्ट होते हैं।पंजाबी यह हमला बरदाश्त नही करेंगे और अकालीदल लड़ाई लड़ेगा।
दुसरा मुद्दा यह रहा कि बेहबल क्ला गोलीकांड का जिसमे पहले अकालीदल को घेर लेकिन अब सरकार जब बना ली तो अब नजरिया ही बदल दिया।जस्टिस रंजीत कमीशन में भी इस गवाह को कहा था कि इस गवाह को सुरक्षा दी जाए लेकिन इनके मंत्री ने उन्हें ही परेशान करना शुरू कर दिया।आज मृतक की पत्नी ने बयान भी दिया है कि उनके पति की मौत का जिमेदार सीएम सलाहकार किकी ढिल्लों और मंत्री गुरप्रीत कांगड़ है जबकि इसमे मामला दर्ज हुक चाहिए था पर यह उसे कवरअप कर रहे हैं इस मामले में भी राज्यपाल से मांग की है कि मंत्री गुरप्रीत कांगड़ को सरकार से बाहर किया जाए व आगे की कार्यवाही की जाए अन्यथा हम भी इस मामले को उच्च न्यालय में लेकर जाएंगे।
भाजपा नेता मदन मोहन मित्तल ने कहा कि जिस तरह से गवाह को तंग परेशान किया गया तो उसके बाद उसकी मौत हुई और जिस तरह मृतक सुरजीत सिंह को परेशान किया गया उसमे कार्यवाही होनी चाहिए।

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