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नई दिल्ली। कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब नई सरकार के मंत्रिमंडल गठन को लेकर कांग्रेस के भीतर गहन मंथन जारी है। मुख्यमंत्री पद के लिए चुने गए डीके शिवकुमार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया सोमवार को नई दिल्ली पहुंचकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में नई कैबिनेट के स्वरूप, मंत्री पदों के बंटवारे और संगठनात्मक संतुलन पर अंतिम चर्चा होगी।

कैबिनेट गठन को लेकर बढ़ी हलचल

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी मिलने के बाद डीके शिवकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती नई मंत्रिपरिषद का गठन है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित कुल 34 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जबकि मंत्री पद के दावेदारों की संख्या काफी अधिक है।

ऐसे में पार्टी नेतृत्व के सामने क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। बताया जा रहा है कि शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों अपने-अपने समर्थकों को मंत्रिमंडल में पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिलाने का प्रयास कर रहे हैं।

3 जून को होगा शपथ ग्रहण

डीके शिवकुमार 3 जून को शाम 4:05 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन परिसर में आयोजित किया जाएगा। उनके साथ कुछ मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जा सकती है, हालांकि अंतिम सूची पर अभी सहमति बनना बाकी है।

हाल ही में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया था, जिसके बाद उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया।

दिल्ली में सक्रिय हुई लॉबिंग

नई कैबिनेट में जगह पाने के लिए कांग्रेस नेताओं की लॉबिंग भी तेज हो गई है। कई पूर्व मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं और पार्टी नेतृत्व से संपर्क साध रहे हैं।

सिद्धारमैया सरकार के कुछ पूर्व मंत्री दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि कई विधायक पहली बार मंत्री बनने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

पुराने और नए चेहरों का हो सकता है मिश्रण

पार्टी सूत्रों का कहना है कि नई मंत्रिपरिषद में अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी। कैबिनेट में पुराने और नए चेहरों का मिश्रण देखने को मिल सकता है।

इसके अलावा क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक समीकरण और पार्टी के विभिन्न गुटों को संतुष्ट करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में एक से अधिक उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

यतींद्र सिद्धारमैया ने जताई उम्मीद

सिद्धारमैया के पुत्र और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र ने डीके शिवकुमार से मुलाकात के बाद कहा कि उन्हें नई सरकार में मंत्री पद मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व की ओर से उन्हें सकारात्मक संकेत मिले हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर भी चर्चा

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद फिलहाल डीके शिवकुमार के पास है। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस पद पर नए चेहरे की नियुक्ति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।

वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली को प्रदेश अध्यक्ष पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वह संगठन और सरकार दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका चाहते हैं।

राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों पर भी होगी चर्चा

दिल्ली में होने वाली बैठकों में आगामी राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों को लेकर भी रणनीति बनाई जा सकती है। 18 जून को होने वाले चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।

मौजूदा विधानसभा संख्या बल को देखते हुए कांग्रेस को चार राज्यसभा सीटों में से तीन और सात विधान परिषद सीटों में से पांच सीटों पर जीत की उम्मीद है।

कुल मिलाकर, कर्नाटक में नई सरकार के गठन के साथ ही कांग्रेस के सामने संगठनात्मक संतुलन और सत्ता प्रबंधन की बड़ी परीक्षा है। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाली बैठकों और आगामी कैबिनेट सूची पर टिकी हुई हैं।

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