नई दिल्ली। जेईई एडवांस्ड 2026 के नतीजे घोषित हो चुके हैं और इस वर्ष बिहार के शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक हासिल कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। उनकी सफलता की कहानी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आई है।
शुभम कुमार ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी और नकारात्मक खबरों पर ध्यान देने के बजाय केवल अपनी पढ़ाई पर फोकस किया। उनका मानना है कि सफलता पाने के लिए ध्यान भटकाने वाली चीजों से दूर रहना बेहद जरूरी है।
कोटा में की तैयारी, हासिल की ऐतिहासिक सफलता
बिहार के गया निवासी शुभम कुमार ने कोटा में रहकर जेईई एडवांस्ड की तैयारी की। उनके पिता शिव कुमार हार्डवेयर व्यवसायी हैं, जबकि उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम के साथ गुरुग्राम के कबीर छिल्लर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 329 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल की। दोनों छात्रों ने कोटा स्थित एलन करियर इंस्टीट्यूट से तैयारी की।
मोबाइल का उपयोग सिर्फ परिवार और शिक्षकों से बात करने के लिए
शुभम ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल लगभग बंद कर दिया था। मोबाइल फोन का उपयोग केवल अपने माता-पिता और शिक्षकों से बातचीत के लिए करते थे। उनका पूरा ध्यान पढ़ाई और लक्ष्य पर केंद्रित था।
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ाई करने के साथ-साथ समय-समय पर मानसिक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है। इसी कारण वे रविवार को क्रिकेट और बैडमिंटन जैसे खेल खेलकर खुद को तरोताजा रखते थे।
तनाव होने पर करते थे ध्यान
जेईई एडवांस्ड के टॉपर ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान तनाव के क्षण भी आते थे, लेकिन उन्होंने उनसे निपटने का अपना तरीका विकसित कर लिया था।
शुभम के अनुसार, जब भी वे तनाव महसूस करते थे, तो 5 से 10 मिनट तक ध्यान (मेडिटेशन) करते थे। इसके अलावा परिवार, दोस्त और रिश्तेदार मानसिक सहयोग देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे।
कोटा की पढ़ाई व्यवस्था को बताया सफलता की कुंजी
शुभम का कहना है कि कोटा का प्रतिस्पर्धी माहौल, अनुभवी शिक्षक और विशेष अध्ययन सामग्री उनकी सफलता के प्रमुख कारणों में शामिल रहे। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर की तैयारी और मार्गदर्शन देश के कुछ चुनिंदा शहरों में ही उपलब्ध है।
उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि यदि किसी लक्ष्य को हासिल करना है तो मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और धैर्य बेहद जरूरी हैं। हर चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता ही सफलता की असली कुंजी है।
IIT बॉम्बे में करेंगे कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई
जेईई एडवांस्ड में टॉप करने के बाद शुभम अब आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने का सपना पूरा करेंगे। उनके पिता ने बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें शुरू से ही विश्वास था कि शुभम अपनी मेहनत के दम पर बेहतरीन प्रदर्शन करेगा।
जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणाम एक बार फिर यह साबित करते हैं कि अनुशासन, सही रणनीति और निरंतर प्रयास किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने की सबसे मजबूत नींव होते हैं।
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