हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने रेवाड़ी जिले के बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुई भीषण आग की घटनाओं का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इन घटनाओं को गंभीर मानते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
जानकारी के अनुसार, बावल और धारूहेड़ा के औद्योगिक क्षेत्रों में अलग-अलग फैक्ट्रियों में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं में लाखों रुपये का नुकसान हुआ, जबकि कई कर्मचारियों और श्रमिकों की सुरक्षा को भी खतरा पैदा हुआ। दमकल विभाग की टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने जिला प्रशासन, श्रम विभाग, उद्योग विभाग तथा अग्निशमन विभाग से रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने पूछा है कि आग लगने के कारण क्या थे और संबंधित उद्योगों में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
आयोग ने यह भी जानना चाहा है कि औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की स्थिति क्या थी और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से इंतजाम किए गए थे। साथ ही, आग की घटनाओं से प्रभावित लोगों को दी गई सहायता और राहत संबंधी जानकारी भी मांगी गई है।
मानवाधिकार आयोग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और उद्योग प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाई जाती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।
इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के श्रमिकों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। कई लोगों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की नियमित जांच की मांग की है।
आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल संबंधित विभाग आग लगने के कारणों और संभावित सुरक्षा चूकों की जांच में जुटे हुए हैं।
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