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पंजाब पुलिस ने अमेरिका स्थित संगठन एसएफजे द्वारा स्थापित एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसे भारत सरकार द्वारा ‘गैरकानूनी’ घोषित किया गया था

पुलिस महानिदेशक कार्यालय, पंजाब

  •  – पंजाब पुलिस ने अमेरिका स्थित संगठन एसएफजे द्वारा स्थापित एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसे भारत सरकार द्वारा ‘गैरकानूनी’ घोषित किया गया था
  •  – अलगाववादी मॉड्यूल को ‘सिख जनमत संग्रह 2020’ सहित अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिचालित किया गया था
  •  – खन्ना से ‘जनमत संग्रह 2020’ संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले पर्चे बरामद;  3 गिरफ्तार
  •  – गुरपतवंत पन्नू समेत पांच अन्यों पर भी यूए (पी) एक्ट के तहत मामला दर्ज
 चंडीगढ़, 17 सितंबर:
पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को खन्ना के रामपुर गांव में छापेमारी के दौरान प्रतिबंधित ‘गैरकानूनी संगठन’ सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के एक अलगाववादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, जिसके तीन सदस्यों को उनके कब्जे से ‘रेफरेंडम 2020’ गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले लाखों अलगाववादी पर्चे बरामद करने के बाद गिरफ्तार किया गया। एसएफजे को जुलाई 2019 में भारत सरकार द्वारा यूए (पी) अधिनियम के तहत पंजाब में अलगाववाद और हिंसक उग्रवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ सिख रेफरेंडम 2020 के तहत प्रतिबंधित कर दिया गया था। उनकी गतिविधियों का उद्देश्य समुदायों के बीच विभाजन पैदा करना और  पंजाब राज्य में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करना था।
गिरफ्तार लोगों की पहचान खन्ना के रामपुर निवासी गुरविंदर सिंह, रोपड़ के मोरिंडा निवासी जगविंदर सिंह और सुखदेव सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने अमेरिका में रहने वाले गुरपतवंत सिंह पन्नू, हरप्रीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरसहाय मखू और खन्ना के जगजीत सिंह मंगत के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में खन्ना के गांव रामपुर में छापेमारी की और रेफरेंडम 2020 गतिविधियों वाले 2.84 लाख से अधिक पर्चे बरामद किए।  पुलिस ने उनके कब्जे से एक कैनन प्रिंटर, स्प्रे पंप और दीवारों पर अलगाववादी चित्र लिखने वाली स्प्रे बोतल, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक होंडा सिटी कार भी बरामद की है।
शुरूआती जांच के दौरान, यह पाया गया है कि आरोपी गुरविंदर सिंह को जे एस धालीवाल द्वारा संचालित किए जा रहे “यूएस मीडिया इंटरनेशनल” नामक यूट्यूब चैनल के माध्यम से कट्टरपंथी बनाया गया और उकसाया गया, जिसने उसे आगे गुरपतवंत पन्नू से मिलवाया।  प्रवक्ता ने बताया कि पन्नू के निर्देश पर गुरविंदर ने खन्ना में अपने गांव रामपुर के सरकारी स्कूल परिसर में खालिस्तानी झंडे लगाए।
प्रवक्ता ने कहा की यह भी पता चला है कि आरोपी ने अब तक लगभग 20-25 लोगों को सिख रेफरेंडम 2020 को बढ़ावा देने के लिए वोट करने के अलावा दोराहा, लुधियाना के आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न समूहों के लिए पर्चे बांटने और पन्नू के कहने पर पैसे उपलब्ध कराने के लिए रजिस्टर किया है।
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि आरोपी गुरविंदर ने दिल्ली में खन्ना से लेकर सिंघू बॉर्डर तक विभिन्न स्थानों पर पुलों के नीचे और साइनबोर्ड पर सिख रेफरेंडम 2020 गतिविधियों (अंग्रेजी और पंजाबी में) को बढ़ावा देने के लिए दीवार पर चित्र भी बनाए हैं।
15 अगस्त की रात उन्होंने पेंट के साथ विभिन्न स्थानों पर प्रो  सिख रेफरेंडम 2020  लिखा और भारत विरोधी नारे लगाए।
प्रवक्ता ने कहा कि अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आरोपी ने पन्नू से मानव वाहक, हवाला और एमटीएसएस चैनलों के माध्यम से भारी वित्तीय सहायता प्राप्त की थी।
इस बीच, एसएएस नगर में एसएसओसी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124ए, 153ए, 153बी और 120बी और यूए(पी) अधिनियम की धारा 17, 18, 20, 40 के तहत एफआईआर संख्या 7 दिनांक 16/09/2021 दर्ज की गई है।  बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आगे की छापेमारी की जा रही है।
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